डिब्रूगढ़/जोरहाट, 31 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दावा किया कि भारत के पड़ोसी देशों ने पहले असम में फैली अशांति का फायदा उठाकर उसे ‘तोड़ने’ की कोशिश की, लेकिन नरेन्द्र मोदी नीत सरकार द्वारा क्षेत्र में शांति स्थापित करने से उनके ‘सपने चकनाचूर हो गए’।
उन्होंने एक चुनावी रैली में कहा कि उग्रवाद का अंत हो चुका है और विभिन्न समूहों के साथ हुए शांति समझौतों में दिए गए 92 प्रतिशत आश्वासनों को पहले ही लागू किया जा चुका है।
फडणवीस ने कहा कि असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने न केवल राज्य के विकास को सुनिश्चित किया, बल्कि उसकी पहचान की भी रक्षा की है।
उन्होंने कांग्रेस पर राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र की उपेक्षा करने व उनके प्रति सौतेला रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जबकि मोदी ने इस क्षेत्र को विकास के केंद्र में रखा। फडणवीस ने डिब्रूगढ़ से भाजपा उम्मीदवार प्रशांत फूकन के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “राज्य में पहले अशांति के कारण पड़ोसी देशों को लगा था कि वे एक दिन असम को तोड़ देंगे। लेकिन मोदी जी ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया और आज असम तेजी से प्रगति कर रहा है।”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने उग्रवादी समूहों को मुख्यधारा में लाने का श्रेय भाजपा सरकार को देते हुए कहा कि न केवल उनके साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, बल्कि उन्हें दिए गए 92 प्रतिशत आश्वासनों को पूरा किया गया है।
उन्होंने कहा, “शेष आठ प्रतिशत वादों को पूरा करने का काम भी जारी है।”
फडणवीस ने कांग्रेस पर घुसपैठियों को रोकने के लिए काम न करने का आरोप लगाते हुए कहा, “आदिवासी आबादी घट रही थी और उनकी आजीविका छीनी जा रही थी।”
फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों को ‘वोट बैंक’ मानती है।
उन्होंने कहा हालांकि भाजपा के सत्ता में आने से आदिवासी लोगों को उनका हक वापस मिल रहा है।
फडणवीस ने जोरहाट से भाजपा के उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए फडणवीस ने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम में घुसपैठ चरम पर थी।
उन्होंने कहा, “लोगों को इसके खिलाफ आंदोलन करना पड़ा और कई लोग शहीद हुए, लेकिन घुसपैठ नहीं रुकी और राज्य अशांति की आग में झुलसता रहा। स्थिति ऐसी हो गई थी कि जनसांख्यिकीय बदलाव का खतरा पैदा हो गया।”
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद हालात बदले हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा, “घुसपैठ पर रोक लगी है और राज्य के लगभग सभी उग्रवादी समूह मुख्यधारा में लौट रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में रहती, तो राज्य की जनसांख्यिकी बदल जाती और असम का इतिहास भी बदल सकता था।
फडणवीस ने कहा, “मोदी सरकार केवल विकास ही नहीं करती, बल्कि राज्य की पहचान, संस्कृति, इतिहास और परंपरा की भी रक्षा करती है।”
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास किया है।
जागीरोड में टाटा समूह की सेमीकंडक्टर इकाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “यह मोदी जी की असम को दी गई सौगात है, जो राज्य को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगी।”
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर निर्माण की क्षमता रखने वाले देश भविष्य में वैश्विक नेतृत्व करेंगे और भारत अब ऐसे चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने आरोप लगाया कि उसने हमेशा पूर्वोत्तर के प्रति ‘‘सौतेला रवैया’’ अपनाया, इसी वजह से यह क्षेत्र अशांति से जूझता रहा।
उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के दौरान कांग्रेस के “राष्ट्र-विरोधी रुख” की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि वह एलपीजी व ईंधन की उपलब्धता को लेकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “हम भी विपक्ष में रहे हैं, लेकिन हमने कभी इस तरह का शर्मनाक आचरण नहीं किया।”
जोरहाट से कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई पर कटाक्ष करते हुए फडणवीस ने कहा, “जो लोग लोकसभा में हैं, उन्हें वहीं रहना चाहिए। भाजपा फिर सत्ता में आएगी और उनके लिए यहां कोई भूमिका नहीं बचेगी।”
गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता भी हैं।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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