तिरुवनंतपुरम, 30 जुलाई (भाषा) केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि मानसून की तैयारियों के तहत इस साल फरवरी से स्वच्छता कार्य नहीं हो पाने के कारण राज्य में संक्रामक रोगों के मामलों में वृद्धि हुई है।
मुरलीधरन ने यह भी कहा कि संक्रमित लोगों और इन रोगों के कारण हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर पारदर्शिता बरतना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा विभाग को संक्रमित लोगों और मृतकों की संख्या अपने पोर्टल पर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
संक्रामक रोगों पर मीडिया के लिए आयोजित एक कार्यशाला में मंत्री ने कहा, ‘मेरा मानना है कि हमें मीडिया को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए और सरकार ऐसा करने से पीछे नहीं हटेगी। हम मीडिया द्वारा की जाने वाली आलोचना का स्वागत करते हैं और उसे स्वीकार करते हैं।’
उन्होंने कहा कि यदि संक्रामक रोगों से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए तो लोग स्थिति को गंभीरता से नहीं लेंगे और इन बीमारियों के प्रसार पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान चलाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘राज्य में संक्रामक रोग के मामले बढ़ रहे हैं क्योंकि इस वर्ष फरवरी से स्वच्छता कार्य सहित मानसून से जुड़ी तैयारियां नहीं हो सकीं। पिछले वर्ष दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद, लगभग 70 प्रतिशत निर्वाचित सदस्य नये थे और जब तक वे अपने कामकाज को बखूबी समझ पाते, विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई।’
मंत्री ने कहा कि इसके बाद राज्य में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई, जिसके कारण स्वच्छता कार्य नहीं किये जा सके और संक्रामक रोगों के मामलों में वृद्धि हुई।
मुरलीधरन ने बताया कि सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक उपाय सुझाने के वास्ते एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि अल्पकालिक उपायों के तहत स्कूलों में शुक्रवार, कार्यालयों में शनिवार और घरों में रविवार को ‘‘ड्राई डे’’ मनाया जाएगा। इस दौरान मच्छर के प्रजनन वाले स्थानों पर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
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प्रचेता सुभाष
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