नीट-यूजी के कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों के लिए आईटी ढांचे की जानकारी मांगी गई

नीट-यूजी के कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों के लिए आईटी ढांचे की जानकारी मांगी गई

नीट-यूजी के कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों के लिए आईटी ढांचे की जानकारी मांगी गई
Modified Date: September 3, 2026 / 06:20 pm IST
Published Date: September 3, 2026 6:20 pm IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अगले साल होने वाली नीट-यूजी परीक्षा के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र विकसित करने के वास्ते अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से सरकारी संस्थानों के आईटी ढांचे और उपलब्ध स्थान की जानकारी जुटाने को कहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एआईसीटीई ने अपने अधीन आने वाले सरकारी संस्थानों से उपलब्ध सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) ढांचे तथा खाली या अप्रयुक्त स्थान का ब्योरा मांगा है, ताकि देशभर में मानक परीक्षा केंद्र (एसटीसी) स्थापित करने की संभावनाओं का आकलन किया जा सके।

एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के केंद्रों का काम छोटे निजी संस्थानों को आउटसोर्स नहीं किया जा सकता और सख्त मानकों के आधार पर आकलन के बाद ही केंद्रों का चयन किया जाना है। तकनीकी शिक्षा नियामक होने के नाते एआईसीटीई के पास ऐसे कई तकनीकी कॉलेज हैं, जहां आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद है।’’

यह कदम एनटीए में चल रहे व्यापक सुधार के बीच उठाया गया है। एनटीए एक स्वायत्त निकाय है जो राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) समेत उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए विभिन्न परीक्षाएं आयोजित करता है। इस साल प्रश्नपत्र लीक के बाद एजेंसी में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई है।

प्रश्नपत्र लीक की घटना के बाद देशभर में हुए विरोध के बीच केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2027 से कागज-कलम आधारित परीक्षा के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के रूप में आयोजित की जाएगी।

एआईसीटीई ने संस्थानों के प्रमुखों को भेजे पत्र में कहा, ‘‘एनटीए राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न परीक्षाएं सीबीटी माध्यम से आयोजित करता है। परीक्षा के तरीकों को चरणबद्ध तरीके से बदलने और भौगोलिक रूप से अधिक व्यापक परीक्षा केंद्रों के नेटवर्क की आवश्यकता को देखते हुए एनटीए देशभर के सरकारी संस्थानों में उपयुक्त बुनियादी ढांचे की उपलब्धता का आकलन कर रहा है।’’

एआईसीटीई ने स्पष्ट किया है कि जानकारी केवल परिषद से अनुमोदन प्राप्त सरकारी कॉलेजों और संस्थानों से मांगी गई है।

संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि उनके द्वारा दी जाने वाली सभी जानकारियां सटीक, पूर्ण और संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित हों।

तकनीकी शिक्षा नियामक ने संस्थानों को एक प्रारूप भी उपलब्ध कराया है, जिसमें कार्यरत कंप्यूटरों की संख्या, अन्य आईटी ढांचे, नेटवर्किंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था, सीसीटीवी और संबंधित सुविधाओं का ब्योरा मांगा गया है।

इसके अलावा संस्थानों में उपलब्ध खाली स्थान की जानकारी भी मांगी गई है।

भाषा रवि कांत रवि कांत माधव

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