आत्मसमर्पण कर चुके तीन उग्रवादी गुटों की त्रिपुरा में चार सितंबर से 72 घंटे की रेल-सड़क नाकाबंदी की चेतावनी

आत्मसमर्पण कर चुके तीन उग्रवादी गुटों की त्रिपुरा में चार सितंबर से 72 घंटे की रेल-सड़क नाकाबंदी की चेतावनी

आत्मसमर्पण कर चुके तीन उग्रवादी गुटों की त्रिपुरा में चार सितंबर से 72 घंटे की रेल-सड़क नाकाबंदी की चेतावनी
Modified Date: September 3, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: September 3, 2026 8:43 pm IST

अगरतला, तीन सितंबर (भाषा) त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके तीन उग्रवादी संगठनों ने 2024 में हुए त्रिपक्षीय शांति समझौते के तहत किए गए वादों को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार से 72 घंटे की रेल और सड़क नाकाबंदी शुरू करने की चेतावनी दी है।

‘नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा’ (एनएलएफटी), ‘एनएलएफटी’ (परिमल देववर्मा गुट) और ‘ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स’ (एटीटीएफ) ने पूर्वोत्तर राज्य में स्थायी शांति स्थापित करने के उद्देश्य से चार सितंबर, 2024 को केंद्र और राज्य सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

‘जॉइंट मूवमेंट कमेटी’ (जेएमसी) के संयोजक प्रसेनजीत देववर्मा ने बृहस्पतिवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा, ‘हम शांति समझौते के अनुसार संगठन के सभी सदस्यों के उचित पुनर्वास के वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। दुर्भाग्य से, समझौते के दो साल बीत जाने के बाद भी हमारी मांगें पूरी नहीं की गई हैं।’

जेएमसी के नेतृत्व में इन तीनों पूर्व उग्रवादी संगठनों ने जून में भी समझौते के वादों को लागू करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल यातायात को बाधित किया था। हालांकि, सरकार की ओर से मांगें पूरी करने के आश्वासन के बाद यह नाकाबंदी हटा ली गई थी।

देववर्मा ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले संगठन के पूर्व सदस्य आजीविका के संकट का सामना कर रहे हैं, ऐसे में पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन करने के अलावा जेएमसी के पास कोई विकल्प नहीं बचा है।

भाषा

सुमित नरेश रंजन

रंजन


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