दिवाली में स्वदेशी वस्तुओं पर जोर दें, सामूहिक प्रयास से भारत ‘महान’ बन सकता है: अमित शाह

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दिवाली में स्वदेशी वस्तुओं पर जोर दें, सामूहिक प्रयास से भारत ‘महान’ बन सकता है: अमित शाह

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  • Publish Date - October 4, 2025 / 09:51 PM IST,
    Updated On - October 4, 2025 / 09:51 PM IST

पणजी, चार अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोगों से भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देकर और विदेशी वस्तुओं का त्याग करके स्वदेशी भावना के साथ दिवाली मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ नागरिकों का ऐसा सामूहिक संकल्प भारत को “महान” बनाएगा।

वह लोगों को मालिकाना हक देने के लिए गोवा सरकार की महत्वाकांक्षी ‘माझे घर’ योजना सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद पणजी के निकट एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय मंत्री और उत्तरी गोवा के सांसद श्रीपद नाइक और राज्यसभा सदस्य सदानंद शेत तनावडे भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

शाह ने कहा कि नवरात्र की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 395 उत्पादों पर जीएसटी (माल एवं सेवा कर) को एक तिहाई तक कम कर दिया और इस कदम से नागरिकों को बड़े पैमाने पर लाभ हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “कई खाद्य पदार्थों पर जीएसटी घटाकर शून्य कर दिया गया है। दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर इसे घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद से किसी ने भी बिक्री कर या जीएसटी में इतनी कटौती करने की हिम्मत नहीं की थी, जिसे प्रधानमंत्री मोदी हासिल करने में कामयाब रहे हैं।

उन्होंने कहा, “इसलिए यह दीपावली सभी भारतीयों के लिए शुभ होगी।”

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वदेशी पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा, “इस दीपावली हमें यह संकल्प लेना है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, एक भी विदेशी वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।”

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि भारत के 140 करोड़ नागरिक केवल स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का संकल्प लें और व्यापारी अपनी दुकानों और मॉल में भारतीय सामान का भंडार रखें, तो राष्ट्र कुछ ही समय में महान बनने का अपना सपना पूरा कर सकता है।

उन्होंने कहा, “आत्मनिर्भर होने से बड़ा कुछ भी नहीं है।”

शाह ने कहा कि भारत ‘मेक इन इंडिया’ के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था को गति देकर और दुनिया भर के लोगों को देश में विनिर्माण के लिए आमंत्रित करके बेरोजगारी की समस्या का समाधान कर सकता है।

भाषा प्रशांत माधव

माधव