पूर्वोत्तर में एकीकृत बौद्ध पर्यटन सर्किट बनाया जाए : अरुणाचल के उपमुख्यमंत्री

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पूर्वोत्तर में एकीकृत बौद्ध पर्यटन सर्किट बनाया जाए : अरुणाचल के उपमुख्यमंत्री

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 02:54 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 02:54 PM IST

ईटानगर, सात मई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने बुधवार को पूर्वोत्तर राज्यों में प्रमुख बौद्ध स्थलों को जोड़ने वाला एकीकृत पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि आगंतुकों को सहज आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों और देशों के सहयोग से किए जाने वाले इस प्रयास को ‘तवांग पहल’ का नाम दिया जाना चाहिए ताकि इसे एक विशिष्ट वैश्विक पहचान मिल सके।

पर्यटन के विकास के लिए ‘पेशेवर और सहयोगात्मक’ दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए मीन ने कहा कि प्रस्तावित सर्किट में अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मणिपुर और पड़ोसी देशों में स्थित प्रमुख बौद्ध स्थलों को जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने यह बात तवांग में ‘पूर्वोत्तर भारत में बौद्ध सर्किट के विकास’ पर आयोजित एक कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कही जिसमें कई राज्यों, नेपाल, भूटान और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उपमुख्यमंत्री ने तवांग के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थान 400 साल पुराने बौद्ध मठ से जुड़ा है, यह छठे दलाई लामा का जन्म स्थान है, और वर्तमान दलाई लामा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है।

उन्होंने कहा कि राज्य की अमूर्त विरासत की रक्षा के लिए सरकार प्राचीन पांडुलिपियों, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और धार्मिक ग्रंथों का डिजिटलीकरण कर रही है ताकि उन्हें भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सके।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश