पणजी, सात मई (भाषा) गोवा पर्यटन विभाग ने कहा है कि पैरासेलिंग दुर्घटना के दौरान एक महिला को सांस लेने में तकलीफ होते हुए दिखाने वाला वायरल वीडियो हाल का नहीं है और यह मामला राज्य का भी नहीं है, जैसा कि कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया था।
विभाग ने कहा कि यह वीडियो 2019 का है और यह घटना पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के सिंधदुर्ग में हुई थी।
बुधवार को कई मीडिया वेबसाइट ने इंस्टाग्राम यूजर सुष्मिता गौरव का एक वीडियो प्रसारित किया, जिसमें वह अपने अनुभव को बयां करते हुए दूसरों को रोमांचक जल क्रीड़ा में शामिल होने से पहले सावधान रहने की चेतावनी दे रही हैं।
सुष्मिता ने बताया कि पैरासेलिंग की रस्सी गर्दन में कस जाने के बाद वह समुद्र में गिर गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने दावा किया कि यह घटना गोवा में घटी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, गोवा पर्यटन विभाग ने बुधवार को जारी एक बयान में मीडिया में प्रसारित उन खबरों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि पैरासेलिंग की घटना राज्य के किसी समुद्र तट पर हुई थी।
पर्यटन विभाग ने कहा, ‘‘गोवा पुलिस के अनुसार, यह घटना 2019 की है और राज्य के अधिकार क्षेत्र में नहीं घटी।’’
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना गोवा के पड़ोसी महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में हुई थी।
विभाग ने जनता से अनुरोध किया कि वे अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और उन्हें साझा न करें।
भाषा शफीक नरेश
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