Reported By: Rajesh Mishra
,CG Infiltrators Rohingya Controversy/Image Source: Social Media
रायपुर। CG Infiltrators Rohingya Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP की प्रचंड जीत हुई है। 294 वाली विधानसभा में बीजेपी को 207 सीटें मिली हैं, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई है। खुद सीएम रही ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव हार गई हैं।
वही पश्चिम बंगाल में घुसपैठिए को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा (Deputy CM Vijay Sharma) ने कहा कि बंगाल की जीत देश में घुसपैठियों को रोकने के लिए जरूरी थी। छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी बंगाल के रास्ते आए थे वाले बयान को लेकर एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमान को लेकर सियासत तेज हो गई है।”
कांग्रेस का कहना है कि यह बीजेपी का राजनीतिक प्रोपेगेंडा है, जिन राज्यों में चुनाव होता है कांग्रेस का हल्ला करना शुरू कर देती है। छत्तीसगढ़ में भी चुनाव के समय ऐसा माहौल बनाया गया था। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर घुसपैठियों (CG Infiltrators Rohingya Controversy) और रोहिंग्या मुसलमान को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
पूर्व PCC चीफ धनेंद्र साहू ने कहा कि पिछले पौने 3 साल से छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। उनके नेताओं ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में खूब हल्ला किया था कि कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में रोहिंग्या मुसलमान (CG Infiltrators Rohingya Controversy) को बसाया है। मैं भाजपा सरकार से पूछता हूं कि आपने कितने घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमान को खोजा है, कितनो पर कार्यवाही की है कितनो को प्रदेश से बाहर भेजा है? इसकी जानकारी देते हुए श्वेत पत्र जारी करें।
उन्होंने कहा कि यह भी बड़ा सवाल है कि जब केंद्र में आपकी सरकार है तो रोहिंग्या मुसलमान (CG Infiltrators Rohingya Controversy) छत्तीसगढ़ तक कैसे पहुंचे? इस पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेसियों से घुसपैठियों और रोहंगियों सूची की मांगते हुए कहा कि ये विष्णु देव की सरकार है यह घुसपैठियों और रोहंगियों को खोजेंगे, कार्रवाई करेंगे और इन्हें बसाने वालों को भी बेनकाब करेंगे। किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
हालांकि प्रदेश की भाजपा सरकार ने घुसपैठियों का पता लगाने राजधानी सहित कुछ शहरों में अभियान चलाया था, कुछ को पकड़ा भी गया मगर जिस तरह से चुनाव के समय भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था, करवाई उस तरह से नहीं हुई। यही वजह से कांग्रेस अब इस मुद्दे पर भाजपा की डबल इंजन सरकार से सवाल कर रही है।
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