जयपुर-अजमेर रोड के कथित अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जेडीए की कार्रवाई पर अंतरिम रोक

जयपुर-अजमेर रोड के कथित अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जेडीए की कार्रवाई पर अंतरिम रोक

जयपुर-अजमेर रोड के कथित अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जेडीए की कार्रवाई पर अंतरिम रोक
Modified Date: August 3, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: August 3, 2026 4:27 pm IST

जयपुर, तीन अगस्त (भाषा) जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से जयपुर-अजमेर रोड स्थित कथित अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई पर अंतरिम रोक लग गई है। जेडीए अपीलीय न्यायाधिकरण ने अंतरिम राहत देते हुए अंतिम निर्णय होने तक नोटिस पर कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

न्यायाधिकरण के आदेश की प्रति के अनुसार मामले की अगली सुनवाई आठ सितंबर को होगी।

जेडीए ने 24 जुलाई को एक रिसॉर्ट सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए थे। प्राधिकरण का आरोप था कि कृषि भूमि पर स्वीकृत भू-उपयोग मानकों का उल्लंघन करते हुए बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

नोटिस मिलने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों ने राहत के लिए जेडीए अपीलीय न्यायाधिकरण का रुख किया। तीस जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी महावीर प्रसाद गुप्ता ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए मामले के गुण-दोष के आधार पर अंतिम निर्णय होने तक जेडीए को आगे की कार्रवाई से रोक दिया।

इसके बाद संबंधित पक्ष ने न्यायाधिकरण के आदेश की प्रति प्रवर्तन अधिकारियों को सौंपते हुए अनुरोध किया कि अंतिम निर्णय तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

राज्य की राजधानियों और केंद्रशासित प्रदेशों में अवैध निर्माणों पर उच्चतम न्यायालय की सख्त टिप्पणी के बाद जेडीए ने यह कार्रवाई शुरू की थी। इससे पहले इस वर्ष उच्चतम न्यायालय ने अवैध निर्माण और भूमि के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए कई निर्देश जारी किए थे। गत 25 मार्च, 2026 को अदालत ने राज्य की राजधानियों और केंद्रशासित प्रदेशों के नगर निकायों तथा विकास प्राधिकरणों को कृषि या आवासीय भूमि पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान के लिए व्यापक सर्वे कराने का निर्देश दिया था।

अदालत ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा था। न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि इस प्रकार के उल्लंघन कानून, पर्यावरण संरक्षण और जनहित के विपरीत हैं।

हालांकि, जेडीए अधिकारियों का कहना है कि अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा दी गई अंतरिम राहत न्यायिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है और इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि निर्माण और भूमि उपयोग की वैधता का अंतिम निर्णय न्यायाधिकरण में सुनवाई पूरी होने और अंतिम आदेश पारित होने के बाद ही होगा।

भाषा बाकोलिया

अमित

अमित


लेखक के बारे में