डीटीसी बस में तोड़फोड़ की जांच से ऑनलाइन ‘ग्रुप’ का पता चला

डीटीसी बस में तोड़फोड़ की जांच से ऑनलाइन ‘ग्रुप’ का पता चला

डीटीसी बस में तोड़फोड़ की जांच से ऑनलाइन ‘ग्रुप’ का पता चला
Modified Date: September 21, 2026 / 09:56 pm IST
Published Date: September 21, 2026 9:56 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सिंबर (भाषा) दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के चालकों की हड़ताल के बीच इसकी बसों में तोड़फोड़ को लेकर पुलिस द्वारा की जा रही जांच में एक ऑनलाइन ‘ग्रुप’ का पता चला है जिसमें हमलों को लेकर कथित रूप से चर्चा की गई थी। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि तीन लोग इस ‘ग्रुप’ को कथित तौर पर चला रहे थे और जांचकर्ता अब उनकी भूमिका की जांच कर रहे हैं और इस ‘ग्रुप’ के अन्य सदस्यों की पहचान कर रहे हैं।

पुलिस इस बात का पता लगाने के लिए ‘ग्रुप’ की ‘चैट’ की जांच कर रही है कि क्या इस पर हुई बातचीत के बाद शहर में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं।

सूत्रों ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बसों को नुकसान पहुंचाने के सिलसिले में पहचाने गए कई लोग दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के लिए काम करने के वास्ते ‘आउटसोर्स’ पर रखे गए ठेकेदार थे।

उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने बसों को अपने स्तर पर निशाना बनाया या किसी अन्य के निर्देशों पर काम किया, यह जांच का हिस्सा है।

कंझावला और बेगमपुर में बस तोड़फोड़ के संबंध में दो प्राथमिकी में नामजद 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

सूत्रों ने बताया कि द्वारका में बसों को नुकसान पहुंचाने से जुड़े 17 मामले दर्ज किए गए और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की गई है।

जांच में कुछ घटनाओं में एक जैसा तरीका अपनाए जाने का पता चला है।

द्वारका उत्तर थाने में 19 सितंबर को दर्ज की गई एक प्राथमिकी में इस तरीके का ब्योरा दिया गया है।

परिचालक प्रमोद कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, एक बस द्वारका मेन मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी थी, तभी दोपहर करीब 1.10 बजे मोटरसाइकिल पर एक अज्ञात व्यक्ति आया और बस का शीशा तोड़कर चला गया।

कुमार ने पुलिस को बताया कि वह और चालक संदीप बस के अंदर थे, इसलिए मोटरसाइकिल का पंजीकरण नंबर नहीं लिख सके।

प्राथमिकी के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सूत्रों ने कहा कि कई मामलों में शुरुआती जानकारी से संकेत मिला है कि बसों पर हमले के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार थे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण से परिवहन व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की संलिप्तता सामने आई।

वेतन वृद्धि, चिकित्सा सुविधाओं और ओवरटाइम भुगतान को लेकर डीटीसी चालकों की हड़ताल सोमवार को आठवें दिन भी जारी रही।

भाषा नोमान नोमान अविनाश

अविनाश


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