जमुई की घटना दिल दहला देने वाली, स्तब्धकारी : ममता

जमुई की घटना दिल दहला देने वाली, स्तब्धकारी : ममता

जमुई की घटना दिल दहला देने वाली, स्तब्धकारी : ममता
Modified Date: September 21, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: September 21, 2026 10:35 pm IST

कोलकाता, 21 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिहार के जमुई में एक लड़के और लड़की के कथित उत्पीड़न की घटना को सोमवार को ‘‘दिल दहला देने वाली’’ बताया और दावा लगाया कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में है, वहां ‘‘वह अन्याय का साधन’’ बन जाती है।

जमुई जिले में दो दिन पहले सड़क किनारे कुछ लोगों द्वारा एक लड़के और लड़की को कथित तौर पर परेशान किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सोमवार को बिहार में इस घटना को लेकर आक्रोश उत्पन्न हो गया। पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर घटना में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बिहार का वीडियो दिल दहला देने वाला है। स्तब्ध करने वाला है और सच कहूं तो इससे मुझे बहुत, बहुत गुस्सा आया।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘नैतिकता” के नाम पर कानून अपने हाथ में लेने वालों को पुलिस और कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज भीड़ को यह तय करने की अनुमति नहीं दे सकता कि ‘‘कौन सम्मान का हकदार है, किसे आजादी मिलनी चाहिए या किसे सजा मिलनी चाहिए।’’

बनर्जी ने पीड़ित बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुझे माफ करना। मैं आपसे माफी मांगती हूं’’ और कहा कि देश कहीं न कहीं उनकी तथा वयस्कों, संस्थानों और समाज में उनके भरोसे की रक्षा करने में विफल रहा है।

बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर राजनीतिक पाखंड का आरोप भी लगाया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा नेता उन राज्यों में न्याय की मांग करते हैं जहां वे सत्ता में नहीं हैं। लेकिन जहां वे सत्ता में हैं, वहां वे अन्याय का साधन बन जाते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत, कृपया जागिए।’’

घटना को लेकर बिहार महिला आयोग ने जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस घटना के बाद महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भाजपा नीत सरकार की आलोचना हुई है।

इससे पहले जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने संवाददाताओं को बताया था कि घटना 19 सितंबर की शाम हुई थी और एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहा है।

भाषा अमित प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में