हैदराबाद, 25 मई (भाषा) हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के ताजमहल भ्रमण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस स्मारक के निर्माण में ईरान के प्रतिभावान वास्तुकारों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, जबकि अमेरिका आज “ईरानी सभ्यता को मिटाने” की धमकी दे रहा है।
रुबियो ने सोमवार को अपनी पत्नी जेनेट रुबियो के साथ ताज महल का दीदार किया और इस प्रसिद्ध मुगलकालीन स्मारक को “दुनियाभर में प्रेम की सबसे खूबसूरत निशानियों में से एक” बताया।
ईरानी वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “अगर रुबियो को इतिहास या वास्तुकला की जानकारी होती, तो वह यहां तस्वीर खिंचवाने के लिए खड़े नहीं होते। यह स्मारक बादशाह की ईरानी पत्नी के प्रेम में बनाया गया था और ईरानी वास्तुकारों की प्रतिभा की मिसाल है, जबकि उनकी (रूबियो के देश अमेरिका की) सरकार आज ईरानी सभ्यता को मिटाने की धमकी दे रही है और दूसरी सभ्यताओं का अपमान कर रही है।”
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-अमेरिका/इजराइल संघर्ष के दौरान सात अप्रैल को कहा था, “अगर समझौता नहीं हुआ, तो आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी।”
माना जा रहा है कि ईरानी वाणिज्य दूतावास ने ट्रंप के बयान की ओर इशारा करते हुए यह टिप्पणी की।
दूतावास ने पोस्ट में ताजमहल के सामने खिंचवाई गई रुबियो और उनकी पत्नी की तस्वीर भी साझा की।
चार दिन की भारत यात्रा पर आए रुबियो सोमवार को आगरा पहुंचे और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजमहल का दीदार किया।
अमेरिका और इजराइल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने जवाबी हमले किए थे।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप