कोलकाता, 16 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में इस्कॉन मायापुर के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उसके नाम से संचालित होने वाली तथा फर्जी आवास बुकिंग की पेशकश करने वाली वेबसाइट्स के खिलाफ आगाह किया और कहा कि इस तरह की गतिविधियों के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
संगठन ने आरोप लगाया कि जालसाजों ने ‘इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस’ (इस्कॉन) के मुख्यालय पश्चिम बंगाल के मायापुर में स्थित ‘प्रभुपाद विलेज’, ‘गदा भवन’, ‘शंख भवन’ और ‘गीता भवन’ जैसी लोकप्रिय सुविधाओं में कमरे उपलब्ध कराने के लिए कई फर्जी वेबसाइटें और सोशल मीडिया आधारित बुकिंग चैनल बनाए हैं।
इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमन दास ने कहा, ‘‘ये वेबसाइटें पेशेवर और विश्वसनीय दिखती हैं। वे त्योहारों के व्यस्त समय में कमरे उपलब्ध कराती हैं और कभी-कभी छूट या विशेष लाभ का वादा करती हैं और फिर पूरा भुगतान लेने के बाद गायब हो जाती हैं।’’
उन्होंने कहा कि मायापुर पहुंचने के बाद विदेश से आने वाले यात्रियों सहित कई श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने पाया कि फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से की गई उनकी बुकिंग धोखाधड़ी वाली थी।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और इस मामले को कानून प्रवर्तन और साइबर अपराध एजेंसियों ने अपने हाथ में ले लिया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि मामले की जांच सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जा रही है।
इस्कॉन के अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया कि वे ‘‘केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही कमरे बुक करें, मैसेजिंग आधारित बुकिंग या एजेंटों के माध्यम से बुकिंग से बचें।’’
भाषा गोला मनीषा
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