इसरो की विरासत का विस्तार किया जा रहा: भाजपा ने अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर कांग्रेस के बयान पर कहा

इसरो की विरासत का विस्तार किया जा रहा: भाजपा ने अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर कांग्रेस के बयान पर कहा

इसरो की विरासत का विस्तार किया जा रहा: भाजपा ने अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर कांग्रेस के बयान पर कहा
Modified Date: August 24, 2026 / 05:45 pm IST
Published Date: August 24, 2026 5:45 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस के उस आरोप के जवाब में पलटवार किया जिसमें कहा गया था कि मोदी सरकार अंतरिक्ष क्षेत्र में ‘‘आक्रामक निजीकरण का एजेंडा’’ अपना रही है।

भाजपा ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब मुख्य रूप से सरकार द्वारा चलाए जाने वाले कार्यक्रम से आगे बढ़कर एक बढ़ते हुए परितंत्र में बदल गया है, जिसमें इसरो, निजी क्षेत्र और सैकड़ों स्टार्टअप शामिल हैं।

यह बयान कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने सरकार पर अंतरिक्ष कार्यक्रम के निजीकरण की दिशा में आक्रामक रूप से आगे बढ़ने का और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की भूमिका सीमित करने का आरोप लगाया।

रमेश ने कुछ खबरों का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि रॉकेट के विकास और निर्माण के क्षेत्र में इसरो की भूमिका को काफी सीमित करने तथा उसकी उपग्रह संबंधी कई परिसंपत्तियां निजी कंपनियों को हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है।

कांग्रेस नेता के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी प्रदीप भंडारी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने से निजी क्षेत्र और स्टार्टअप आपूर्तिकर्ता से रॉकेट, उपग्रह और पूरी अंतरिक्ष प्रणालियों के विकासकर्ता बन गए हैं।

भंडारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्य रूप से सरकार द्वारा चलाए जाने वाले कार्यक्रम से एक उभरते हुए राष्ट्रीय अंतरिक्ष परितंत्र तक का सफर। यह इसरो की विरासत को कमजोर करना नहीं है। यह भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षा का विस्तार है।’’

आंकड़ों के हवाले से उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र का काफी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि इसरो द्वारा प्रक्षेपित किए गए विदेशी उपग्रहों की संख्या 2014 से पहले 35 थी, जो जनवरी 2026 तक बढ़कर 399 हो गई है।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष स्टार्टअप की संख्या 2014 में 1 (एक) थी जो अगस्त 2026 तक बढ़कर लगभग 440 हो गई है, जबकि इस क्षेत्र में निजी निवेश 2021-22 में 10.05 करोड़ अमेरिकी डॉलर से बढ़कर मार्च 2026 तक 61.85 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया है।

भंडारी ने न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के राजस्व में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया और कहा कि यह 2021-22 में 321.77 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में लगभग 3,000 करोड़ रुपये हो गया।

उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में अन्य अहम उपलब्धियों के तौर पर चंद्रयान-3 मिशन की चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग और एलवीएम3 व एसएसएलवी जैसे प्रक्षेपण यानों के विकास का जिक्र किया।

भाजपा प्रवक्ता ने इस क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका के उदाहरण के तौर पर स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 के जुलाई 2026 में अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचने का ज़िक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-1 जुलाई 2026 में अंतरिक्ष की कक्षा तक पहुंचने वाला निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत का पहला कक्षीय प्रक्षेपास्त्र बनेगा, जो इस नए युग का एक शक्तिशाली उदाहरण है।’’

भंडारी ने कहा, ‘‘इसरो ने पिछले कुछ दशकों में भारत को एक मजबूत प्रौद्योगिकी आधार दिया है। मोदी सरकार के सुधारों ने इसरो, निजी क्षेत्र, स्टार्टअप और निवेश को एक साथ आगे बढ़ने में मदद करके उस विरासत को और सुदृढ़ करने की कोशिश की है।’’

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र का विस्तार ‘‘इसरो की विरासत को कमजोर करना’’ नहीं है, बल्कि भारत की अंतरिक्ष से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं का विस्तार है।

भंडारी ने कांग्रेस नेता रमेश के बयान के लिए उन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जयराम जी, मैं अंतरिक्ष में भारत की शानदार यात्रा को लेकर आपकी निराशा को समझता हूं। लेकिन आंकड़े ऐसी कहानी बताते हैं जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है।’’

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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