एसएफआई का जामिया दाखिला प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप, विश्वविद्यालय ने बताया निराधार

एसएफआई का जामिया दाखिला प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप, विश्वविद्यालय ने बताया निराधार

एसएफआई का जामिया दाखिला प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप, विश्वविद्यालय ने बताया निराधार
Modified Date: August 24, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: August 24, 2026 6:58 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ की जामिया मिलिया इस्लामिया इकाई ने सोमवार को विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उसने ‘मौके पर दाखिला’ और आरक्षण नीति को लागू करने में पारदर्शिता की कमी का हवाला दिया, जबकि विश्वविद्यालय ने इन आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया।

जब किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में नियमित दाखिला प्रक्रिया (जैसे पहली, दूसरी, तीसरी मेरिट सूची) के बाद कुछ सीट खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भरने के लिए ‘मौके पर दाखिला’ प्रक्रिया आयोजित की जाती है।

जामिया-एसएफआई ने आरोप लगाया कि योग्य उम्मीदवारों को दाखिला नहीं दिया गया, जबकि कम रैंक वाले या कथित तौर पर अयोग्य उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया।

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये ‘बेबुनियाद’ हैं। अधिकारी ने कहा, ‘दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी तरह की हेरफेर संभव नहीं है।’

एसएफआई ने ‘मौके पर दाखिला’ की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम वार खाली सीटों, प्रतीक्षा सूची और सीट भरने के लिए अपनाए गए मानदंडों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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