केरल के इंजीनियरों का ‘विक्रम-1’ मिशन का हिस्सा बनना राज्य के लिए गर्व की बात: मुख्यमंत्री सतीशन

केरल के इंजीनियरों का ‘विक्रम-1’ मिशन का हिस्सा बनना राज्य के लिए गर्व की बात: मुख्यमंत्री सतीशन

केरल के इंजीनियरों का ‘विक्रम-1’ मिशन का हिस्सा बनना राज्य के लिए गर्व की बात: मुख्यमंत्री सतीशन
Modified Date: August 11, 2026 / 09:14 pm IST
Published Date: August 11, 2026 9:14 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 11 अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश के युवा इंजीनियरों का अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी ‘स्काईरूट एरोस्पेस’ में अहम क्षेत्रों का नेतृत्व करना और भारत के ऐतिहासिक ‘विक्रम 1’ रॉकेट मिशन को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना राज्य के लिए अत्यंत गर्व की बात है।

हैदराबाद आधारित स्काईरूट ने पिछले महीने भारत के पहले निजी तौर पर विकसित कक्षीय श्रेणी के रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण किया था।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सतीशन की टिप्पणी स्काईरूट के केरल से संबंध रखने वाले इंजीनियरों के साथ उनकी मुलाक़ात के बाद आई।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि सतीशन ने ‘विक्रम-1’ के प्रक्षेपण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में भूमिका निभाने वाले केरल के 14 इंजीनियरों में से सात से मुलाकात की।

सतीशन ने ‘एक्स’ पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘‘स्काईरूट एरोस्पेस के मलयाली इंजीनियरों की शानदार टीम से मिलकर खुशी हुई, जिसने भारत के ऐतिहासिक ‘विक्रम 1’ रॉकेट मिशन को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’’

उन्होंने कहा कि राज्य के इंजीनियरों को ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ में अहम क्षेत्रों का नेतृत्व करते देखना केरल के लिए अत्यंत गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने इंजीनियरों की ओर से मिले उपहारों के लिए उनका धन्यवाद किया। इन उपहारों में शून्य गुरुत्वाकर्षण में बिना किसी रुकावट के लिखने वाला ‘स्पेस पेन’ और शुभांशु शुक्ला की किताब ‘द सेकंड ऑर्बिट’ शामिल थी।

उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भारत के वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षेत्र की सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए 14 सदस्यों वाली पूरी मलयाली टीम और स्काईरूट एरोस्पेस को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!’’

भाषा

नेत्रपाल सुरेश

सुरेश


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