दिल्ली पुलिस ने शिमला से रवाना होते हुए कहा, एक कप चाय मिल जाती तो अच्छा होता

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दिल्ली पुलिस ने शिमला से रवाना होते हुए कहा, एक कप चाय मिल जाती तो अच्छा होता

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 04:23 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 04:23 PM IST

शिमला, 27 फरवरी (भाषा) दिल्ली में आयोजित एआई-इम्पैक्ट समिट में ‘शर्ट उतारकर प्रदर्शन’ करने के मामले के आरोपियों को गिरफ्तार करने के मुद्दे पर हाल में दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच उत्पन्न गतिरोध क्या एक कप चाय से सुलझाई जा सकती थी? कोई नहीं जानता। लेकिन आरोपियों को पकड़ कर लौटने की अनुमति मिलने से पहले एक अधिकारी के मन में चाय का ख्याल जरूर आया था।

दिल्ली पुलिस की टीम जब 26 फरवरी की सुबह शिमला से 15 किलोमीटर दूर शोगी सीमा से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुई तो एक अधिकारी ने हिमाचल के ‘‘अपने समकक्षों से कहा, आपने हमारे काम में बहुत बाधा डाली, हमें पूरी रात हिरासत में रखा, कम से कम चाय के लिए तो पूछ सकते थे।’’

यह सुनकर, शोगी सीमा पर मौजूद एक पत्रकार ने आगे बढ़कर अधिकारी से चाय के लिए पूछा, जिस पर उन्होंने कहा, ‘‘धन्यवाद, लेकिन अब हम यहां से चले जाएंगे।’’

यह घटना एआई इम्पैक्ट समिट में ‘‘बिना शर्ट के विरोध प्रदर्शन’’ के सिलसिले में तीन लोगों की गिरफ्तारी को लेकर शिमला में दोनों बलों के बीच रात भर चले गतिरोध के बाद घटी।

अंततः, दिल्ली पुलिस की टीम को तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय राजधानी लौटने की अनुमति मिल गई।

यह गतिरोध तब समाप्त हुआ जब दिल्ली पुलिस ने जब्ती ज्ञापन की एक प्रति हिमाचल प्रदेश पुलिस के साथ साझा की। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य साझा नहीं किए।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि शिमला पुलिस को इसके अलावा किसी भी चीज के लिए लिखित अनुरोध प्रस्तुत करना होगा।

पुलिस महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’से कहा, ‘‘रोकने के बाद पहचान पत्रों की जांच हो जाने पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को उन्हें छोड़ देना चाहिए था।’’ उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस थाना को भी सूचित करना चाहिए था।

दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गत मंगलवार देर रात को शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र के चिरगांव स्थित एक होटल से युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।

हालांकि, स्थानीय पुलिस ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को रोक लिया और आरोपियों को शिमला वापस लाकर स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

उसी शाम, जब टीम ने आरोपियों को दिल्ली ले जाने की दोबारा कोशिश की, तो उन्हें फिर से शोगी में रोक दिया गया और अपहरण, संपत्ति छिपाने, गलत तरीके से कैद करने और गैरकानूनी सभा का मामला दर्ज किया गया।

खबरों के मुताबिक, यूथ कांग्रेस के तीनों कार्यकर्ता सौरभ सिंह, अरबाज और सिद्धार्थ क्रमशः उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के रहने वाले थे।

भाषा धीरज रंजन

रंजन