शिमला, आठ अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीखों की घोषणा में कथित देरी को लेकर उच्च न्यायालय का रुख करने की शनिवार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार दो दिन के भीतर चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं करती है तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
ठाकुर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव परिणाम आने के बावजूद सरकार जनता के जनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। भाजपा नेता ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने चुनावों को अनिश्चितकाल तक टालने के लिए पंचायती राज नियमों में संशोधन किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पहले नियमों में प्रावधान था कि परिणाम घोषित होने के सात दिन के भीतर ये चुनाव कराए जाएं। हालांकि, सरकार ने 18 अप्रैल, 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से इन नियमों में संशोधन कर दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘शिमला जिला परिषद में 25 निर्वाचित सदस्य हैं, जिनमें से 13 भाजपा समर्थित हैं। इसके अलावा कुछ अन्य निर्वाचित सदस्य भी भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया है।’’
ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रशासन मुख्यमंत्री के राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और जानबूझकर लोकतांत्रिक जनादेश को दबाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘उपायुक्त कार्यालय को कांग्रेस पार्टी का कार्यालय नहीं बनाया जा सकता। पिछले तीन दिन से शिमला के उपायुक्त से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन उनसे बात तक नहीं हो पाई है।’’
ठाकुर ने कहा, ‘‘यदि अधिकारी राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हैं तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास गंभीर रूप से कमजोर होगा।’
उन्होंने आगाह किया कि यदि अधिकारी चुनाव नहीं कराते हैं तो वह उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
भाषा आशीष माधव
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