जम्मू-कश्मीर : विपक्ष के नेता ने राजौरी और पुंछ को क्षेत्र के रूप में संदर्भित करने पर आपत्ति जताई

Ads

जम्मू-कश्मीर : विपक्ष के नेता ने राजौरी और पुंछ को क्षेत्र के रूप में संदर्भित करने पर आपत्ति जताई

  •  
  • Publish Date - February 4, 2026 / 07:05 PM IST,
    Updated On - February 4, 2026 / 07:05 PM IST

जम्मू, चार फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने राजौरी और पुंछ जिलों को पीर पंजाल क्षेत्र के हिस्से के तौर पर उल्लेखित किए जाने पर मंगलवार को आपत्ति जताई और कहा कि जम्मू और कश्मीर में ऐसा कोई क्षेत्र मौजूद नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुनील शर्मा की टिप्पणी को लेकर विधानसभा में काफी हंगामा हुआ। राजौरी और पुंछ के विधायकों ने विरोध किया। हंगामे और भाजपा व सत्तारूढ़ दल के विधायकों के बीच वाकयुद्ध के कारण विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथेर ने कार्रवाई स्थगित कर दी।

यहां संवाददाताओं से बातचीत में शर्मा ने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है। अलग क्षेत्रीय पहचान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो जम्मू- कश्मीर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक एकता को चुनौती देते हैं। ’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सत्ताधारी पार्टी की मांग के अनुसार माफी मांगेंगे, तो शर्मा ने सीधे जवाब देने से बचते हुए पूछा कि ऐसा क्षेत्र कहां मौजूद है।

भाजपा विधायक ने कहा कि ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भों का संदर्भ लिया जाना चाहिए, क्योंकि इस क्षेत्र को पहले ‘चंद्रभागा मंडल’ के रूप में वर्णित किया गया था।

उन्होंने कुछ तत्वों पर अलग-अलग क्षेत्रीय नामकरण को बढ़ावा देकर क्षेत्र की पहचान को ‘मिटाने या बदलने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया।

शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक अखंड क्षेत्र है, जो महाराजा हरि सिंह के प्रयासों से बना।

उन्होंने कहा कि यदि कोई पुनर्गठन या आधिकारिक नामकरण अपनाया जाना है, तो इसे औपचारिक रूप से करना सरकार की जिम्मेदारी है।

भाजपा नेता ने पीर पंजाल और चिनाब घाटी जैसे क्षेत्रों को अलग-अलग इकाइयों के रूप में पेश करने के प्रयासों की भी आलोचना की और कहा कि ऐसे कदम अनावश्यक विभाजन को जन्म दे सकते हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत पवनेश

पवनेश