Chhattisgarh Govt Procurement Ban || Image- IBC24 News File
रायपुर: राज्य सरकार ने 15 फरवरी के बाद सरकारी खरीदी पर रोक लगाने का फैसला किया है। (Chhattisgarh Govt Procurement Ban) इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और संभाग आयुक्तों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, 15 फरवरी के बाद स्वीकृत बजट से किसी भी प्रकार की नई खरीदी नहीं की जा सकेगी। विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे इस तिथि के बाद कोई नया क्रय आदेश जारी न करें। यह निर्णय वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और बजट प्रबंधन को लेकर लिया गया है।
हालांकि, आदेश में कुछ मामलों में छूट का भी प्रावधान रखा गया है। चालू योजनाओं से संबंधित आवश्यक खरीदी और कुछ विशेष परिस्थितियों में विभागों को राहत दी गई है। (Chhattisgarh Govt Procurement Ban) इसके अलावा, यदि किसी विभाग को अत्यावश्यक स्थिति में खरीदी करनी होती है, तो उसे वित्त विभाग से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति की गई खरीदी को अनियमित माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। इस आदेश के बाद सभी विभागों में खरीदी प्रक्रिया को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
छत्तीसगढ़ के किसानों को लिए साय सरकार ने राहत देते हुए धान खरीदी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश पर धान खरीदी की तारीख दो दिन आगे बढ़ा दी गई है। अब प्रदेश तीन श्रेणी के किसान धान बेच सकेंगे। जो प्रक्रिया में विलंब के चलते धान नहीं बेच पाए थे। सीएम साय के निर्देश पर आदेश जारी किया गया है।
सीएम विष्णु देव साय ने कहा है कि यह फैसला किसानों के हित में लिया गया है। धान खरीदी की समय-सीमा दो दिन और बढ़ा दी है। अब प्रदेश के पंजीकृत किसान 4 और 5 फरवरी 2026 को भी अपना धान बेच सकेंगे। (Chhattisgarh Govt Procurement Ban) मुख्यमंत्री ने मंगलवार को यह घोषणा की है। सीएम विष्णुदेव साय ने बताया कि समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई थी कि तकनीकी कारणों से कई किसानों के टोकन नहीं कट पाए थे, वहीं कुछ किसान पंजीयन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे। किसानों की व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। अब अगले दो दिन किसान धान बेच सकेंगे। जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि प्रदेश में अब तक लगभग 140 लाख टन धान की खरीदी हुई है।
प्रदेश में धान खरीदी की बढ़ी हुई तारीखों में ऐसे किसान अपनी धान बेच सकेंगे, जिन्होंने 10 जनवरी के बाद टोकन के लिए आवेदन किया था, लेकिन जिनका भौतिक सत्यापन अभी नहीं हो पाया है। इसके अलावा सत्यापन के बाद जिनके पास वास्तव में धान का बचा हुआ स्टॉक पाया गया है। तीसरे वे किसान जिन्हें 28, 29 या 30 जनवरी के लिए टोकन जारी हुआ था, लेकिन वे किसी कारणवश या परेशानी के चलते उस समय धान नहीं बेच पाए। ऐसे किसान अब अपनी धान इन दो दिनों में बेच सकेंगे। इस तीन श्रेणी के किसानों को सीएम साय के निर्देश पर बढ़ी धान खरीदी की तारीखों से राहत मिलेगी।
सीेएम विष्णुदेव साय ने विभागों और अफसरों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होना चाहिए। धान खरीदी की प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हम्मालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की जाए। (Chhattisgarh Govt Procurement Ban) उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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