जम्मू, एक अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के छात्रू क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई।
लगातार हो रही बारिश के कारण चेनाब घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रशासन ने किश्तवाड़, डोडा तथा रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे छात्रू क्षेत्र में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण मुख्य बाजार में बड़े-बड़े पत्थर, मलबा और कीचड़ भर गया जबकि किश्तवाड़-छात्रू-सिंथन राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय झरने के किनारे खड़े कम से कम दो वाहन तेज बहाव में बह गए। इसके अलावा कई दुकानों और मकानों में भी पानी और मलबा भर गया।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि बादल फटने की सूचना मिलते ही उन्होंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की।
उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
सिंह ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों और कारोबारियों को सरकार के राहत मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चसोती में बादल फटने की विनाशकारी घटना के बाद जिले में आपदा से निपटने की तैयारियां और मजबूत की गई हैं। इस हादसे में मचैल माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं सहित 63 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 30 लोग आज भी लापता हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अत्यधिक खराब मौसम के दौरान समय रहते चेतावनी देने और मौसम की बेहतर निगरानी के लिए केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने किश्तवाड़ तथा मचैल में पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित की है।
उन्होंने बताया कि पड्डर क्षेत्र में एक स्वचालित मौसम केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है।
किश्तवाड़ में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने भारी बारिश, फिसलन भरी सड़कों और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए शनिवार के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया।
इसी प्रकार का आदेश पड़ोसी जिलों डोडा और रामबन में भी जारी किया गया है।
भाषा शोभना नेत्रपाल
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