Jammu Courier Companie Rules: कूरियर कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन! इन चीजों के परिवहन पर पूरी तरह लगी रोक! प्रशासन ने जारी किया आदेश
Jammu Courier Companie Rules: कूरियर कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन! इन चीजों के परिवहन पर पूरी तरह लगी रोक! प्रशासन ने जारी किया आदेश
Jammu Courier Companie Rules/Image Source: symbolic
- कूरियर कंपनियों को बड़ा झटका
- जम्मू प्रशासन ने जारी किए नए आदेश
- नशीले पदार्थों का परिवहन अब मुश्किल
जम्मू : Jammu Courier Companie Rules: जम्मू जिला प्रशासन ने कूरियर कंपनियों और पार्सल सेवा प्रदाताओं को वैध परमिट के बिना मादक पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन से रोक दिया है तथा सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। ये निर्देश शनिवार को जम्मू के जिलाधिकारी राकेश मिन्हास द्वारा जारी किए गए।
जम्मू में कूरियर कंपनियों पर सख्ती (Jammu courier companies)
Jammu Courier Companie Rules: आदेश में कहा गया है, ‘‘स्वापक ओषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जम्मू के जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि जिले में काम करने वाली कोई भी कूरियर कंपनी, पार्सल सेवा या रसद सेवा प्रदाता बिना वैध परमिट के किसी भी नशीले पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामान को न तो स्वीकार करेगी, न बुक करेगी और न ही उसका परिवहन करेगी। यह परमिट एनडीपीएस नियमों और ओषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अनुसार होना जरूरी है।’’
आदेश के अनुसार, ‘‘सभी कूरियर कंपनियों और पार्सल सेवा प्रदाताओं को प्रेषक और प्राप्तकर्ता की पहचान की सख्ती से जांच करनी होगी, जिसमें सरकार द्वारा जारी वैध पहचान पत्र शामिल है। साथ ही, हर पार्सल का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, जैसे प्रेषक और प्राप्तकर्ता का विवरण, पार्सल में क्या है, उसका वजन, बुकिंग की रसीद और तारीख, तथा प्रत्येक खेप के बदले लिया गया भुगतान और जहां जरूरी हो वहां लेनदेन का विवरण।’’
मादक पदार्थों के परिवहन पर रोक (Jammu parcel service rules)
Jammu Courier Companie Rules: आदेश में कर्मचारियों को संदिग्ध खेपों की पहचान करने और ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत निकटतम पुलिस को सूचना देने के लिए प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए गए हैं।आदेश में कहा गया है कि किसी भी कूरियर कंपनी या एजेंसी द्वारा निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर उसे व्यक्तिगत और कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसमें शामिल मालिकों, प्रबंध निदेशकों, निदेशकों, एजेंट और कर्मचारियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम, बीएनएसएस और अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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