जम्मू: ठंड में पुरुष आजीविका के लिए करते हैं पलायन, दूरदराज के गांवों की रखवाली करती हैं महिला गार्ड

जम्मू: ठंड में पुरुष आजीविका के लिए करते हैं पलायन, दूरदराज के गांवों की रखवाली करती हैं महिला गार्ड

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 03:44 PM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 03:44 PM IST

भद्रवाह/जम्मू, 14 जनवरी (भाषा) जम्मू क्षेत्र में जब कई पुरुष आजीविका की तलाश में देश के अन्य हिस्सों में पलायन करते हैं, उस दौरान महिला ग्राम रक्षा प्रहरी (वीडीजी) सर्दियों के महीनों में दूरदराज के गांवों की सुरक्षा करती हैं।

भद्रवाह के पुलिस अधीक्षक विनोद शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दिए गए प्रशिक्षण के बाद .303 राइफलों से लैस महिला सदस्य दुर्गम इलाकों में, अक्सर एकांत और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहती हैं।

उन्होंने बताया कि अपने पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली ये महिलाएं आतंकवादी खतरों से अपने समुदायों की रक्षा करने में दृढ़ संकल्पित हैं।

अधिकारी ने बताया कि महिला सदस्यों की उपस्थिति ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब गांवों में मानव संसाधन कम हो जाते हैं।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस क्षेत्र में ग्राम रक्षा में महिलाओं की भागीदारी कोई नई बात नहीं है।

अधिकारी ने बताया कि सितंबर 2009 में राजौरी जिले में ऊपरी कालसी की रहने वाली गुर्जर महिला रुखसाना कौसर ने अनुकरणीय वीरता का परिचय देते हुए लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी को मार गिराया था।

उन्होंने बताया कि इस वीरतापूर्ण कृत्य के लिए कौसर को देश के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र सहित कई राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार मिले, साथ ही जम्मू और कश्मीर पुलिस में नौकरी भी मिली।

शर्मा ने बताया, “पहाड़ी चेनाब क्षेत्र, विशेषकर डोडा में, भीषण सर्दी के कारण कई पुरुष आजीविका की तलाश में उत्तराखंड, दिल्ली और मुंबई जैसे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं। इस मौसमी पलायन के कारण कई गांवों में कुछ बुजुर्ग निवासियों को छोड़कर कोई भी सक्षम पुरुष सदस्य नहीं बचता, जिससे वे राष्ट्रविरोधी तत्वों की गतिविधियों के प्रति असुरक्षित हो जाते हैं।”

उन्होंने बताया कि इस कमी को दूर करने के लिए राज्य पुलिस ने महिलाओं को प्रशिक्षित किया है।

अधिकारी ने बताया, “महिलाएं भी देश की सुरक्षा व संप्रभुता के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं और हम उन्हें आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने के लिए रणनीति और युक्तियों का प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, और अब तक के परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं।”

सिविली गांव की महिला सुरक्षाकर्मी शिवानी (21) ने बताया, “हमें आतंकवादियों से लड़ने का प्रशिक्षण दिया गया है और हम सभी राष्ट्र के शत्रुओं का सामना करने के लिए तैयार हैं।”

शिवानी और अन्य महिला गार्ड हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे डोडा जिले की गंडोह तहसील स्थित अपने गांवों में कड़ी निगरानी रखती हैं।

भाषा जितेंद्र मनीषा

मनीषा