जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद
Modified Date: July 23, 2026 / 11:33 am IST
Published Date: July 23, 2026 11:33 am IST

जम्मू, 23 जुलाई (भाषा) जम्मू क्षेत्र में कई स्थानों पर लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच दिनों से जारी बारिश के कारण अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात अन्य लापता हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में लापता सात लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों ने अभियान तेज कर दिया है।

यातायात पुलिस ने एक परामर्श में कहा, “जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही अब भी बंद है।”

राजमार्ग बंद होने के कारण रामबन, नगरोटा, जम्मू, उधमपुर, लखनपुर और सांबा सहित विभिन्न स्थानों पर 600 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं।

अधिकारियों ने यात्रियों को मौसम की स्थिति में सुधार होने और राजमार्ग को यातायात के लिए सुरक्षित घोषित किए जाने तक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़क धंसने के कारण एक दर्जन से अधिक अंतर-जिला सड़कें भी बंद रहीं। डोडा-किश्तवाड़ मार्ग भी बंद रहा।

हालांकि, कश्मीर को पुंछ जिले से जोड़ने वाला मुगल रोड और कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाला श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी (एसएसजी) मार्ग यातायात के लिए खुले रहे, जबकि दोनों मार्गों पर भारी बारिश जारी रही।

मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि सांबा, कठुआ, उधमपुर और चिनाब घाटी के जिलों में फिर से बारिश होने की संभावना है। बाद में दक्षिण कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना है।

बारिश से प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों के दल फंसे हुए लोगों को निकालने, संपर्क व्यवस्था बहाल करने और नुकसान का आकलन करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

पिछले 24 घंटों में जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश हुई है।

बारिश के आंकड़ों के अनुसार, रियासी में सबसे अधिक 119.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

कटरा में 97.4 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रामबन में 71.5 मिमी, जम्मू में 60.6 मिमी, बटोट में 60.4 मिमी, उधमपुर में 53.2 मिमी, बनिहाल में 53.0 मिमी, जम्मू हवाई अड्डे पर 42.6 मिमी, राजौरी में 32.6 मिमी, कठुआ में 22.2 मिमी, डोडा में 15.0 मिमी, भद्रवाह में 14.0 मिमी, किश्तवाड़ में 12.0 मिमी और पुंछ में 11.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।

कश्मीर घाटी में काजीगुंड में सबसे अधिक 73.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद पहलगाम में 60.2 मिमी, कोकेरनाग में 47.9 मिमी, गुलमर्ग में 39.0 मिमी, संगम में 37.0 मिमी, वेरीनाग में 35.3 मिमी, अवंतीपोरा में 31.2 मिमी, बारामूला में 30.5 मिमी, कुलगाम में 24.2 मिमी, तंगमर्ग में 22.2 मिमी, पंपोर में 20.0 मिमी और नौगाम हंदवाड़ा में 18.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इसी तरह, गांदरबल में 18.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद शोपियां में 17.0 मिमी, लोलाब में 16.4 मिमी, श्रीनगर में 15.6 मिमी, पुलवामा में 14.2 मिमी, वुलर में 14.0 मिमी, सोनमर्ग में 13.0 मिमी, सोपोर में 12.0 मिमी, कुपवाड़ा में 6.9 मिमी और चरार-ए-शरीफ में 6.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लेह में 0.6 मिमी बारिश हुई।

भाषा तान्या गोला

गोला


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