जरांगे ने 20 दिन से जारी अनशन समाप्त किया, सरकार को दिया तीन माह का वक्त

जरांगे ने 20 दिन से जारी अनशन समाप्त किया, सरकार को दिया तीन माह का वक्त

जरांगे ने 20 दिन से जारी अनशन समाप्त किया, सरकार को दिया तीन माह का वक्त
Modified Date: September 17, 2026 / 08:31 am IST
Published Date: September 17, 2026 8:31 am IST

बीड, 17 सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने 20 दिन से जारी अपना अनशन बृहस्पतिवार को समाप्त कर दिया, साथ ही महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि मराठा आरक्षण से जुड़ी उनकी मांगों पर तीन माह के भीतर विचार नहीं किया गया, तो वह मुंबई में आंदोलन करेंगे।

जरांगे ने बीड जिले के पाटोदा में मंत्रियों राधाकृष्ण विखे पाटिल और दादा भुसे, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) प्रसाद लाड, विधायक सुरेश धस तथा वरिष्ठ अधिकारियों वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद यह घोषणा की।

यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान के कुछ दिन बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार किसी भी तरह की डराने-धमकाने की रणनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान आंदोलन किए जाने पर भी सवाल उठाया था।

पाटोदा में जरांगे से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उन्हें मराठा आरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। जरांगे मुंबई कूच के दौरान पाटोदा में रुके थे।

विखे पाटिल ने सुझाव दिया कि जरांगे अपनी मांगों पर विचार की प्रक्रिया की प्रगति पर नजर रखने के लिए तीन प्रतिनिधि नियुक्त करें।

मंत्री ने कहा, ‘‘महाधिवक्ता से लिखित राय मिलने के बाद कोल्हापुर और सातारा गजट पर काम करने में लगभग तीन-चार महीने का समय लगेगा।’’

उन्होंने जरांगे से अनशन वापस लेने का भी आग्रह किया।

जरांगे ने कहा कि वह हैदराबाद गजट, सातारा गजट और औंध गजट जैसे ऐतिहासिक प्रशासनिक अभिलेखों को ‘‘आधिकारिक मान्यता’’ देने संबंधी अपनी मांग पर कायम हैं, ताकि मराठा-कुनबी वंशावली साबित की जा सके और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का उन्हें लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को लिखित में देना चाहिए कि एक भी कुनबी अभिलेख की अनदेखी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री को उस कागज पर हस्ताक्षर भी करने चाहिए।’’

जरांगे ने कहा कि यदि सरकार इस आश्वासन से पीछे हटती है, आंदोलन मुंबई पहुंचेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारे साथ विश्वासघात हुआ, तो हम सभी अपने बच्चों और महिलाओं के साथ सीधे मुंबई जाएंगे।’’

भाषा खारी शोभना

शोभना


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