झारखंड सरकार ने सारंडा अभयारण्य पर न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की: विधायक सरयू राय

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झारखंड सरकार ने सारंडा अभयारण्य पर न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की: विधायक सरयू राय

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 01:42 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 01:42 PM IST

रांची, 26 फरवरी (भाषा) जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि झारखंड सरकार ने उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर सारंडा वन प्रभाग को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के उसके पूर्व के आदेश के कुछ पहलुओं पर स्पष्टीकरण का अनुरोध किया है।

विधानसभा में अपने तारांकित प्रश्न के जवाब में राज्य वन विभाग द्वारा दिए गए लिखित उत्तर का हवाला देते हुए जनता दल (यूनाइटेड) विधायक राय ने कहा कि सरकार ने अदालत के निर्देश को लागू करने से पहले समीक्षा का अनुरोध किया है।

उच्चतम न्यायालय ने 13 नवंबर, 2025 को झारखंड सरकार को पारिस्थितिकीय रूप से महत्वपूर्ण सारंडा वन के 31,468 हेक्टेयर क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने का आदेश दिया था।

राज्य सरकार को अंतिम अधिसूचना जारी करने के लिए फैसले की तारीख से तीन महीने की समय सीमा दी गई थी।

शीर्ष अदालत ने क्षेत्र के पारिस्थितिकीय महत्व को देखते हुए सारंडा के जंगलों को ‘‘दुनिया के सबसे प्राचीन साल वन क्षेत्रों में से एक’’ बताया था।

राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘झारखंड सरकार ने सारंडा वन प्रभाग को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू नहीं किया है, बल्कि इसके बजाय न्यायालय के पूर्व के आदेश के कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण का अनुरोध करते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की है। यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में मेरे तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।’’

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने की तीन महीने की समय सीमा 12 फरवरी को समाप्त हो गई।

राय ने यह भी कहा, ‘‘राज्य सरकार ने अपने लिखित जवाब में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि पुनर्विचार याचिका किस तारीख को दायर की गई थी या याचिका को उच्चतम न्यायालय ने स्वीकार किया है या नहीं।’’

भाषा सुरभि वैभव

वैभव