नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस आरोप को ‘‘बेहद गैर-जिम्मेदाराना और बेबुनियाद’’ बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा उनकी सरकार गिराने के लिए नेशनल कॉंफ्रेंस (नेकां) के विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश कर रही है।
अब्दुल्ला के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मांग की कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री या तो अपने आरोपों को साबित करने के लिए ‘‘सबूत’’ दें या फिर उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रवक्ता और विधायक आर एस पठानिया ने कहा कि अगर अब्दुल्ला माफी नहीं मांगते हैं, तो भाजपा ‘‘लोगों के बीच भ्रम पैदा करने के मकसद से गुमराह करने वाले और बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेगी।’’
भाजपा की यह प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री अब्दुल्ला के इस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी पार्टी के विधायकों को पाला बदलने के लिए 20-30 करोड़ रुपये की पेशकश की गयी है।
उमर अब्दुल्ला ने अपनी दादी अकबर जहां की 26वीं पुण्यतिथि पर हजरतबल में अपने दादा-दादी की मजार पर नेकां कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा उनके विधायकों को खरीदने के लिए धनबल का इस्तेमाल कर रही है।
त्रिवेदी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘उमर अब्दुल्ला ने आज बेहद गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय बयान दिया है। उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाया है कि भाजपा उनकी पार्टी के विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’’
पठानिया ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उन विधायकों के नाम बताने चाहिए, जिन्हें कथित तौर पर पैसे की पेशकश की गई थी, इसमें शामिल भाजपा नेताओं की पहचान करनी चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि यह पेशकश कब और कहां की गई थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसी कोई गंभीर घटना हुई थी, तो इसकी जानकारी जांच एजेंसियों को क्यों नहीं दी गई? एक चुने हुए मुख्यमंत्री अधिकारियों के सामने सबूत पेश किए बिना ऐसे आरोप नहीं लगा सकते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम उमर अब्दुल्ला से माफी की मांग करते हैं। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो भाजपा उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेगी, क्योंकि उन्होंने लोगों के बीच भ्रम पैदा करने के मकसद से भ्रामक और निराधार आरोप लगाए हैं।’’
भाषा सुभाष दिलीप
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