रांची, 14 जनवरी (भाषा) रांची के धुर्वा इलाके से 12 दिन पहले लापता हुए दो भाई-बहनों को बुधवार को झारखंड के रामगढ़ जिले में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
रांची पुलिस ने इस मामले में संलिप्त एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य होने के संदेह में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
दोनों बच्चों को रामगढ़ से रांची लाया गया है। वे दो जनवरी को अपने घर के पास एक किराने की दुकान पर जाने के बाद से लापता हो गये थे। बच्चों की उम्र चार वर्ष और पांच वर्ष है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने बताया, ‘‘हमने अंश कुमार और अंशिका कुमारी दोनों को सुरक्षित बरामद कर लिया है। बच्चों के माता-पिता भी हमारे साथ हैं। जोनल पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मनोज कौशिक के नेतृत्व में रांची पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।’’
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, ‘‘शुरुआती पूछताछ से खुलासा हुआ है कि आरोपी बच्चों को रामगढ़ के चितरपुर ले गए थे।’’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बच्चों की सफल बरामदगी के लिए पुलिस को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है। झारखंड पुलिस की टीम को इस शानदार सफलता के लिए पुनः हार्दिक बधाई। रांची के जिलाधिकारी कृपया अंश और अंशिका के परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं से अवगत कराएं और उन्हें जोड़ें।’’
मुख्यमंत्री ने इससे पहले कहा था कि दोनों भाई-बहनों को आज अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया गया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुईं दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी तरह की घटना के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच कर बच्चों को मुक्त करवाया है, वह प्रशंसनीय है।’’
सोरेन ने कहा कि दो बच्चों को बचाए जाने के बाद इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य एवं राज्य से बाहर घटित हुई ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए, अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। रांची पुलिस समेत झारखंड पुलिस की टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बहुत-बहुत बधाई। हमारे बच्चों – अंश और अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।’’
मनोज कौशिक ने बताया कि मामले को पूरी तरह से गोपनीय रखा जा रहा है, क्योंकि पुलिस अपराध में शामिल एक बड़े नेटवर्क की पहचान करके उसे खत्म करने का हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों का अपहरण कैसे हुआ और उन्हें कहां रखा गया, इस बारे में विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी।
इस बीच, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित बरामदगी से राहत मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की तलाश के लिए बजरंग दल द्वारा एक व्यापक अभियान चलाया गया था।
उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को भाजपा द्वारा किए गए प्रदर्शन से प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता कैलाश यादव ने भी दोनों बच्चों की सुरक्षित वापसी पर खुशी व्यक्त की।
भाषा धीरज सुरेश
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