श्रीनगर, नौ सितंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बुधवार को यहां अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के पूरे गायन को लेकर गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की आलोचना की, जिससे एक विवाद खड़ा हो गया।
कर्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रीय प्रतीक, गीत और परंपराएं हर भारतीय के दिल में एक विशेष स्थान रखते हैं और उनकी वास्तविक ताकत भारत जैसे विविधतापूर्ण देश को एक सूत्र में बांधने की क्षमता में निहित है।
कर्रा ने कहा, ‘‘इसलिए यह चिंता का विषय है कि हमारे गठबंधन सहयोगियों ने वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाने का विकल्प चुना और भारत के राष्ट्रीय जीवन में इस गीत के स्थान को लेकर समय के साथ हुए विचारपूर्ण बदलाव की अनदेखी की। यह बदलाव केवल स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ही नहीं बल्कि उसके बाद गणराज्य की संवैधानिक यात्रा के दौरान भी हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अपनाया गया वंदे मातरम् का संस्करण ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को बनाए रखने के साथ-साथ भारत की बहुलतावादी भावना और संविधान में प्रदत्त अंत:करण की स्वतंत्रता के प्रति संवेदनशील रहने के लिए बनाया गया एक सोचा-समझा संतुलन था।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा तब और बढ़ती है जब वे भारत की विविधता को समाहित करते हैं, न कि तब जब विविधता से उनके अनुरूप ढलने की अपेक्षा की जाती है।’’
नेकां के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस शासित कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की मौजूदगी में राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण बजाया गया था।
सादिक ने शिवकुमार की मौजूदगी में राष्ट्रगीत के गायन का एक वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जनाब तारिक कर्रा साहब, कृपया अपनी कांग्रेस सरकार वाले मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को देखिए और अपने बहुमूल्य विचार सभी के साथ साझा कीजिए। धन्यवाद!’’
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनवरी 2026 में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे, जिनमें इसके लिए कड़े प्रोटोकॉल तय किए गए। नए नियमों के तहत आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरों को बजाना या गाना अनिवार्य किया गया है।
भाषा प्रचेता मनीषा
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