असम चुनाव में झामुमो के अकेले लड़ने से भाजपा विरोधी आदिवासी वोट बंट सकते है: कांग्रेस

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असम चुनाव में झामुमो के अकेले लड़ने से भाजपा विरोधी आदिवासी वोट बंट सकते है: कांग्रेस

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 12:40 AM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 12:40 AM IST

रांची, 23 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा आगामी असम विधानसभा चुनावों में 21 सीट पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के फैसले पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस कदम से भाजपा विरोधी आदिवासी वोट में विभाजन हो सकता है।

झामुमो ने इससे पहले दिन में नौ अप्रैल को होने वाले 126 सदस्यीय असम विधानसभा चुनावों के लिए 21 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की।

कांग्रेस नेता राकेश रंजन ने कहा कि पार्टी को उम्मीद थी कि झामुमो विपक्षी गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने कहा, ‘हम असम चुनाव एक साथ लड़ना चाहते थे। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ झारखंड गए थे और हमें झामुमो के साथ गठबंधन की उम्मीद थी। हालांकि पार्टी ने अकेले 21 उम्मीदवार उतारने का फैसला किया, जिससे आदिवासी वोट में बंटवारा हो सकता है।’

रंजन ने कहा कि दोनों दल असम में भाजपा को हराने के व्यापक उद्देश्य को साझा करती हैं।

झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने झामुमो के साथ समझौता करने के लिए ‘गंभीर और सकारात्मक प्रयास’ किए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झामुमो को पांच से सात सीट देने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही उन निर्वाचन क्षेत्रों में संगठनात्मक समर्थन देने का भी प्रस्ताव रखा है जहां उसके उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे।

कमलेश ने कहा, ‘हमारा इरादा एकजुट प्रयास के माध्यम से असम विधानसभा में झामुमो का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना था।’

भाषा

शुभम रंजन

रंजन