नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के एक छात्र समूह ने कोयना हॉस्टल के सात निवासियों पर मेस का खाना बांटने के आरोप में लगाए गए जुर्माने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है और इस जुर्माने को अन्यायपूर्ण बताया है।
शनिवार को छात्रावास प्रशासन की ओर से जारी एक नोटिस के अनुसार, जेएनयू अधिकारियों ने कहा कि यहां रहने वाले कुछ लोग आवंटित मेस का भोजन अन्य व्यक्तियों को हस्तांतरित करते अथवा बेचते हुये पाये गये, जिसे प्रतिरूपण और मेस सुविधाओं के दुरुपयोग से संबंधित छात्रावास नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया।
नोटिस में चिन्हित छात्रों को सात दिनों के भीतर जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया गया था और चेतावनी दी गई थी कि आगे से ऐसा उल्लंघन करने पर प्राथमिकी दर्ज करने सहित कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
आधिकारिक आदेश में कहा गया है, ‘किसी वास्तविक छात्र के नाम पर भोजन करना या आहार रजिस्टर पर हस्ताक्षर करना निषिद्ध है और दोषी पाए जाने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अपराध के लिए प्राथमिकी दर्ज करना भी शामिल है।’
इसके जवाब में, डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) ने एक बयान जारी कर इस आरोप का खंडन किया। समूह ने दावा किया कि छात्रों ने अपने भोजन का भुगतान पहले ही कर दिया था और वे केवल अपने दोस्तों के साथ भोजन साझा कर रहे थे।
इस कदम को ज्यादती बताते हुए, डीएसएफ ने नोटिस वापस लेने की मांग की है।
जेएनयू अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
भाषा तान्या रंजन
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