गुवाहाटी, 22 अप्रैल (भाषा) गायक जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले के मुख्य आरोपी श्यामकानु महंत की जमानत अर्जी पर गुवाहाटी की एक विशेष त्वरित अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने महंत को जमानत पर रिहा किए जाने का विरोध किया।
सिंगापुर में आयोजित ‘नॉर्थ-ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ के आयोजक महंत ने असम में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के एक दिन बाद 10 अप्रैल को जमानत अर्जी दाखिल की थी। जुबिन पिछले साल सितंबर में इसी महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे, जहां समुद्र में तैरते समय रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी।
महंत के वकीलों (राजदीप बनर्जी और प्राण बोरा) ने कहा कि उनके मुवक्किल को जमानत दी जानी चाहिए, क्योंकि वह जांच में सहयोग करेगा और उसके भागने का कोई खतरा नहीं है।
बनर्जी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए, जबकि बोरा अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि महंत सात महीने से अधिक समय से जेल में है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए।
हालांकि, विशेष लोक अभियोजक जियाउर कमर ने महंत की जमानत अर्जी का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि महंत का बयान मामले में जुटाए गए सबूतों से मेल नहीं खाता, खास तौर पर जुबिन को शराब की आपूर्ति के संबंध में।
कमर ने कहा कि आरोपी ने दावा किया है कि उसने एक ईमेल भेजा था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि जुबिन को शराब नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन सबूत बताते हैं कि उसने (आरोपी) सिंगापुर में रहने वाले असम के एक व्यक्ति से दिवंगत गायक के लिए एक बोतल शराब खरीदने के लिए कहा था।
कमर ने कहा कि जेल में बिताए गए सात महीने जमानत का आधार नहीं हो सकते।
महंत के वकीलों ने विशेष लोक अभियोजक की दलीलों का जवाब देने की अनुमति मांगी। इसके बाद न्यायमूर्ति शर्मिला भुइंयां ने सुनवाई बृहस्पतिवार सुबह तक टाल दी।
वहीं, मामले के एक और आरोपी और जुबिन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा की जमानत याचिका को कुछ विसंगतियों के कारण लंबित रखा गया। न्यायाधीश ने शर्मा के वकीलों से कमियों को दूर कर बृहस्पतिवार को याचिका पेश करने के लिए कहा।
महंत की पत्नी अंकिता डेका ने संवाददाताओं से कहा कि वह भी “न्याय चाहती हैं, क्योंकि निर्दोष लोगों को जेल में रखा गया है।”
अंकिता अपने पति की गिरफ्तारी के बाद पहली बार संवाददाताओं से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा, “बेगुनाह लोग सलाखों के पीछे हैं। श्यामकानु पिछले सात महीनों से बिना किसी गलती के जेल में हैं।”
अंकिता ने दावा किया कि श्यामकानु केवल असम की संस्कृति को वैश्विक मंच पर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, ताकि लोग राज्य की समृद्ध परंपराओं से वाकिफ हो सकें।
उन्होंने कहा, “जुबिन गर्ग इस महोत्सव को हमेशा अपना मानते थे और यह देखकर उनकी आत्मा को गहरी ठेस पहुंचेगी कि जिस शख्स को वह पसंद करते थे और जिसके साथ उन्होंने मिलकर काम किया था, वह अब जेल में है।”
अंकिता ने दावा किया कि जुबिन से उनकी मर्जी के खिलाफ कभी कुछ नहीं करवाया जा सकता था और वह ‘नॉर्थ-ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ का हमेशा से समर्थन करते थे।
उन्होंने कहा, “जुबिन को सिंगापुर के सबसे अच्छे होटल में रखा गया था, जिसके पास एक अस्पताल भी था। हादसे के समय मेरे पति घटनास्थल से 50 किलोमीटर दूर एक बैठक कर रहे थे।”
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने जुबिन की मौत से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए 16 मार्च को एक विशेष त्वरित सत्र न्यायालय की स्थापना की थी। राज्य सरकार ने इस मामले में पैरवी के लिए कमर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष लोक अभियोजक दल तैनात किया है।
जुबिन की मौत से जुड़े मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें श्यामकानु महंत और सिद्धार्थ शर्मा के अलावा जुबिन के बैंड में शामिल शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंत, असम पुलिस के निलंबित अधिकारी संदीपन गर्ग तथा गायक के निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य शामिल हैं।
भाषा पारुल माधव
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