न्यायमूर्ति माहेश्वरी की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति नरसिम्हा कॉलेजियम का हिस्सा बनेंगे
न्यायमूर्ति माहेश्वरी की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति नरसिम्हा कॉलेजियम का हिस्सा बनेंगे
नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी के रविवार को सेवानिवृत्त होने के साथ ही न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम के सदस्य बन जाएंगे।
पांचवें सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश होने के नाते, न्यायमूर्ति नरसिम्हा दो मई, 2028 को सेवानिवृत्त होने तक आधिकारिक तौर पर कॉलेजियम का हिस्सा रहेंगे।
न्यायमूर्ति माहेश्वरी रविवार को सेवानिवृत्त हो गए; उन्होंने लगभग पांच साल के कार्यकाल के बाद अपना पद छोड़ा।
कॉलेजियम में अब प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा शामिल होंगे।
उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद 1993 में शुरू हुई कॉलेजियम प्रणाली के तहत, न्यायालय के पांच वरिष्ठ न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय और 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति, तबादले और पदोन्नति की सिफारिश करते हैं।
इस व्यवस्था के तहत सरकार कॉलेजियम को सिफारिश वापस भेज सकती है। आम तौर पर, अगर कॉलेजियम अपनी सिफारिश को दोहराता है तो सरकार उसे मान लेती है, लेकिन ऐसे मामले भी सामने आए हैं जब सरकार ने फाइल वापस भेज दी या सिफारिश पर कोई जवाब नहीं दिया।
हैदराबाद में 3 मई 1963 को जन्में न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने हैदराबाद के निजाम कॉलेज से अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन में स्नातक किया और 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की।
इसके बाद उन्होंने विभिन्न अदालतों, न्यायाधिकरणों में वकालत की और बाद में मुख्य रूप से उच्चतम न्यायालय में वकालत की।
न्यायमूर्ति नरसिम्हा को 2008 में उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर नामित किया था। उन्हें 2014 में भारत का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था।
न्यायमूर्ति नरसिम्हा को 31 अगस्त, 2021 को सीधे बार से उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश

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