न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की

न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की

न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की
Modified Date: May 14, 2026 / 08:56 pm IST
Published Date: May 14, 2026 8:56 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और अन्य के खिलाफ आबकारी नीति मामले के संबंध में उनके विरुद्ध सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने के लिए आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की।

न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कानूनी उपायों का सहारा लेने के बजाय उन्हें बदनाम करने के इरादे से सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित अभियान चलाया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अब दूसरी पीठ सुनवाई करेगी।

न्यायाधीश ने अवमानना ​​के आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए कई पोस्ट पर आपत्ति जताई, जिनमें उन पर ‘‘राजनीतिक निष्ठा’’ का आरोप लगाया गया था और वाराणसी के एक शैक्षणिक संस्थान में दिए गए उनके भाषण के ‘‘संपादित’’ वीडियो को पोस्ट करके कथित तौर पर उन्हें निशाना बनाया गया था।

न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल ने मेरे द्वारा मामले से खुद को अलग करने से इनकार करने के बाद कानूनी उपायों का सहारा लेने के बजाय मेरी प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश की। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में अदालत के अधिकार को कम करने के जानबूझकर किए गए प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।’’

न्यायमूर्ति शर्मा ने स्पष्ट किया कि वह स्वयं को इस मामले से अलग नहीं कर रही हैं, बल्कि अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने के कारण मामले को दूसरी पीठ को स्थानांतरित कर रही हैं।

सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने संस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए न्यायमूर्ति शर्मा को धन्यवाद दिया।

भाषा शफीक माधव

माधव


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