नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) लोकसभा में बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सबसे बड़ा नारीवादी बताया और एक चर्चित फिल्म के संवाद का हवाला देते हुए उल्लेख किया कि ‘‘सरकार ने देश की बेटियों और महिलाओं से कहा है, सारे पिंजरे टूट गए, सारी दीवारें टूट गईं, जा जी ले अपनी जिंदगी।’’
कंगना ने हिन्दी फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के मशहूर संवाद ‘जा सिमरन, जी ले अपनी जिंदगी’ का जिक्र करते हुए यह टिप्पणी की।
वह महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग ले रही थीं।
कंगना ने विधेयकों को लेकर सरकार के इरादे पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि सत्ता में रहते हुए विपक्षी दल ने इसे लंबे समय तक लटकाए क्यों रखा।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे सवाल करते हैं कि सरकार विधेयक लाने में इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि क्या सरकार को इसे लटकाए रखना चाहिए?
रनौत ने कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जल्दबाजी कर रहे हैं। जो 60 वर्ष में नहीं हुआ, वह उन्होंने 10 वर्ष में कर दिखाया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में लोकतंत्र खतरे में नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘‘सबसे बड़ा नारीवादी’’ बताते हुए कहा कि वह शुरुआत से ही महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रयासरत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में राजनीति छोड़कर किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पीछे नहीं हैं और महिला आरक्षण लागू होने से उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 68 सीटों में से केवल एक महिला विधायक है, और अन्य राज्यों में भी लगभग आठ-नौ प्रतिशत विधायक ही महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने से स्थिति को संतुलित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण ही संभव हो पाया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कंगना ने कहा कि देश में कुछ भी अच्छा होने लगता है तो उसके पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं। उन्होंने महिलाओं के बारे में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और सपा के कुछ नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र किया और कहा कि ऐसे बयानों से महिलाओं के प्रति उनकी सोच परिलक्षित होती है।
उन्होंने कहा कि जब वह राजनीति में आईं तो ऐसी ही सोच वाले एक नेता ने उनके एक पोस्टर के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
चर्चा में भाग लेते हुए सपा सदस्य दरोगा प्रसाद सरोज ने आरक्षण के अंदर आरक्षण लागू करने की मांग की। कांग्रेस सदस्य के. सुरेश ने केरल को अधिक सीट दिए जाने की मांग की। सपा के देवेश शाक्य ने विधेयकों को जल्दबाजी में लाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें लाने के पहले देश में जातिगत जनगणना करानी चाहिए थी।
भाषा अविनाश नेत्रपाल
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