कर्नाटक विधानसभा में ‘झूठी शान’ के नाम पर अपराध को रोकने के लिए विधेयक पेश

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कर्नाटक विधानसभा में ‘झूठी शान’ के नाम पर अपराध को रोकने के लिए विधेयक पेश

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 08:29 PM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 08:29 PM IST

बेंगलुरु, 18 मार्च (भाषा) कर्नाटक विधासभा में ‘झूठी शान’ और परंपरा के नाम पर किए गए अपराधों को रोकने और विवाह संबंधी व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने वाले किसी भी आचरण को दंडित करने के उद्देश्य से बुधवार को एक विधेयक पेश किया गया।

कर्नाटक विवाह में पसंद की स्वतंत्रता और सम्मान एवं परंपरा के नाम पर अपराधों की रोकथाम एवं निषेध (एवा नम्मावा एवा नम्मावा) नाम से यह विधेयक सदन में पेश किया गया जिसका उद्देश्य संबंधित मामलों में कानूनी सुरक्षा उपाय, उपचार और रोकथाम, निवारण और पुनर्वास के लिए संस्थागत तंत्र प्रदान करना है।

विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रदान की गई सजा पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जो कोई भी किसी भी माध्यम से मृत्यु का कारण बनता है या ऐसा कोई कृत्य करता है जिसके परिणामस्वरूप किसी दंपत्ति या उनमें से किसी एक या किसी व्यक्ति की ‘झूठी शान के’ नाम पर मृत्यु होती है, तो उसे कम से कम पांच वर्ष कारावास की सजा दी जाएगी।

विधेयक को ‘‘एवा नम्मावा एवा नम्मावा’’ (जिसका मोटे तौर पर अर्थ है कि वह हम में से एक है) नाम दिया गया है, जो 12वीं शताब्दी के समाज सुधारक बसवन्ना के प्रसिद्ध वचन पर आधारित है। यह विधेयक दिसंबर में हुबली के पास अंतरजातीय विवाह को लेकर परिवार द्वारा एक युवा गर्भवती महिला की कथित हत्या की पृष्ठभूमि में आया है।

भाषा धीरज रंजन नरेश

नरेश