कारवार (कर्नाटक), 25 मई (भाषा) उत्तर कन्नड़ जिले में थट्टे हक्कलू नदी में सीपियां इकट्ठा करने के दौरान एक समूह के डूबने की घटना में एक और शव मिलने के साथ मृतकों की संख्या 11 हो गई है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
भटकल तालुक के शिराली गांव में रविवार को हुई इस घटना ने तटीय समुदाय को झकझोर दिया है, जहां सीपियों का संग्रहण आजीविका की पारंपरिक गतिविधि है।
उत्तर कन्नड़ के पुलिस अधीक्षक दीपान एम एन ने पत्रकारों को बताया, ‘‘सभी 11 शव बरामद कर लिए गए हैं और उनका पोस्टमार्टम किया जा चुका है। आगे के इलाज की जरूरत वाले तीन लोगों को उडुपी ले जाया गया था, जिनमें से एक की हालत में सुधार हुआ है और वह घर लौट आया है।’’
पुलिस के अनुसार, शिराली गांव के 14 लोग नदी में सीपियां इकट्ठा करने के लिए उतरे थे। इस दौरान वे पानी के स्तर का सही आकलन किए बिना नदी के गहरे हिस्से में चले गए और तेज धारा में फंसकर बह गए।
पुलिस के अनुसार, नौ महिलाओं सहित 11 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। तीन लोगों को उडुपी के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थानीय विधायक और मत्स्य पालन मंत्री मनकल वैद्य ने बताया कि जिला प्रशासन ने एक राहत शिविर स्थापित किया है और शोक संतप्त परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान कर रहा है।
शिराली के निवासियों ने कहा कि इस त्रासदी ने एक झटके में कई परिवारों को तबाह कर दिया। स्थानीय पंचायत नेता वसंत नाइक ने कहा, ‘‘कई परिवारों ने अपने एक से अधिक सदस्यों को खो दिया है। यह एक अकल्पनीय क्षति है।’’
मृतकों में से एक नागरत्ना के परिवार के सदस्य रामप्पा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मेरे रिश्तेदार सीपियां इकट्ठा करके और कुंडापुर मछली मंडी में बेचकर अपना जीवन यापन करते थे। मुझे नहीं पता कि कल क्या हुआ। शायद शुरुआती बारिश के कारण ज्यादा सीपियों की उम्मीद में पूरा समूह नदी में और गहरे हिस्से में चला गया होगा।’’
भाषा आशीष मनीषा
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