कर्नाटक के सूखे को ‘राष्ट्रीय स्तर की आपदा’ घोषित किया जाए: उपमुख्यमंत्री की अपील
कर्नाटक के सूखे को ‘राष्ट्रीय स्तर की आपदा’ घोषित किया जाए: उपमुख्यमंत्री की अपील
बेंगलुरु, 16 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने सुपर अल नीनो मौसमी घटना के कारण राज्य में सूखे जैसे हालात पैदा होने को लेकर बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले दो महीने में राज्य में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है और नयी बोई गई फसलों को नुकसान हुआ है।
‘सुपर अल नीनो’ प्राकृतिक मौसमी घटना है जो प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से बहुत अधिक होने के कारण होती है। इससे कई देशों में मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिसके कारण सामान्य से कम बारिश होने की आशंका रहती है।
परमेश्वर ने बताया कि राज्य के राजस्व मंत्री के रूप में उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष) की राशि तुरंत जारी करने का अनुरोध किया है और मौजूदा सूखे को ‘राष्ट्रीय स्तर की आपदा’ घोषित करने या संविधान व कानून के तहत इसी स्तर की सहायता देने की मांग की है।
परमेश्वर ने कहा, “सुपर अल नीनो मौसमी घटना का भारत पर बड़ा असर पड़ा है। कर्नाटक में जून में सामान्य से 42 प्रतिशत और जुलाई में 34 प्रतिशत कम बारिश हुई। किसानों ने एक-दो बार हुई बारिश के बाद बुवाई की लेकिन अब उनकी फसलें खराब हो रही हैं।”
उन्होंने बताया कि राज्य के 245 तालुकों में से केवल 15 में सामान्य से अधिक बारिश हुई है और 157 तालुकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है जबकि 14 तालुकों में स्थिति बेहद खराब है।
उन्होंने कहा, “मैंने राज्य के कई जिलों की स्थिति की समीक्षा की है। बेलगावी मंडल में दो समीक्षा बैठकें, कलबुर्गी मंडल में एक और चित्रदुर्ग में एक बैठक हुई है। मुख्यमंत्री के साथ भी एक और समीक्षा बैठक होगी। अन्य मंत्री भी लगातार बारिश, फसलों की स्थिति और लोगों तथा पशुओं के लिए पीने के पानी जैसी जरूरतों की समीक्षा कर रहे हैं।”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है और पीने के पानी की व्यवस्था के लिए प्रत्येक जिले को पहले ही पांच करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस राशि का उपयोग केवल पीने के पानी की व्यवस्था के लिए किया जाए।
उन्होंने बताया, “इसके अलावा, उपायुक्तों के पीडी खातों में 329.61 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। तालुक और जिला स्तर पर कार्यबल तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की नियमित बैठकें हो रही हैं।”
मंत्री के अनुसार, एक जून से 15 जुलाई के बीच राज्य में सामान्य से 37 प्रतिशत कम बारिश हुई है और जुलाई में बारिश की कमी और बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, “बेंगलुरु में पिछले 15 दिन से बारिश नहीं हुई। जुलाई में 10 जिलों में 30 से 60 प्रतिशत तक और 13 जिलों में 60 से 97 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई। केवल आठ जिलों में सामान्य बारिश हुई है।”
भाषा जोहेब नरेश
नरेश

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