बेंगलुरु: Egg Distribution in School स्कूल प्रशासन द्वारा सप्ताह में छह दिन मध्याह्न भोजन में अंडे दिए जाने से उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने की बात कहने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी सरकार आगामी वर्ष में भी 1,500 करोड़ रुपये का निवेश जारी रखेगी।
Egg Distribution in School विधानसभा में बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘53 लाख स्कूली बच्चों में कुपोषण को कम करने के लिए उन्हें सप्ताह में दो दिन अंडे/केले दिए जा रहे थे, जिसे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से 1,500 करोड़ रुपये की लागत से बढ़ाकर सप्ताह में छह दिन कर दिया गया है। यह कार्यक्रम 2025-26 में भी जारी रहेगा।’’
उन्होंने यह भी कहा कि गर्म दूध में मिलाकर रागी स्वास्थ्य पाउडर अब तक स्कूली बच्चों को सप्ताह में तीन दिन वितरित किया जाता था, जिसे सप्ताह में पांच दिन दिया जाएगा और इसकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि शेष राशि श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा वहन की जाएगी।
सिद्धरमैया ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत राज्य के 16,347 स्कूलों में रसोई के नये बर्तन उपलब्ध कराने और रसोई को आधुनिक बनाने के लिए 46 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कर्नाटक सरकार ने स्कूलों में बच्चों को अंडे क्यों दिए?
कर्नाटक सरकार ने बच्चों को सप्ताह में दो दिन अंडे देने का फैसला किया था ताकि 53 लाख स्कूली बच्चों में कुपोषण को कम किया जा सके, जिसे अब बढ़ाकर सप्ताह में छह दिन किया गया है।
यह योजना कितने समय तक जारी रहेगी?
यह योजना 2025-26 तक जारी रहेगी, जैसा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विधानसभा में घोषणा की है।
कर्नाटक सरकार ने अंडे और केले देने के अलावा क्या अन्य बदलाव किए हैं?
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने घोषणा की कि गर्म दूध में रागी स्वास्थ्य पाउडर को सप्ताह में तीन दिन से बढ़ाकर पांच दिन किया जाएगा और इसके लिए 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कर्नाटक सरकार इस योजना पर कितने पैसे खर्च करेगी?
कर्नाटक सरकार इस योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिसमें 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा और बाकी श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा।
कर्नाटक सरकार ने रसोई के लिए क्या बदलाव किए हैं?
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 16,347 स्कूलों में रसोई के नए बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे और रसोई को आधुनिक बनाने के लिए 46 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।