बेंगलुरु, 24 अगस्त (भाषा) कर्नाटक विधान परिषद में सोमवार को बी नागेंद्र को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के हंगामे के बीच दो अहम विधेयक पारित कर दिए गए।
भाजपा और जद (एस) वाल्मीकि निगम घोटाले में नागेंद्र की कथित संलिप्तता को लेकर उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
विधान परिषद ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच कर्नाटक नगरपालिका संशोधन विधेयक, 2026 और कर्नाटक अपार्टमेंट स्वामित्व और प्रबंधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया।
शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने सदन में कर्नाटक नगरपालिका संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।
सभापति सलीम अहमद ने विधेयक पर मतदान कराया और शोर-शराबे के बीच घोषणा की, “मुझे लगता है कि ‘हां’ कहने वालों की संख्या ज्यादा है। विधेयक पारित किया जाता है।’’
इसके बाद ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने सदन में ‘कर्नाटक अपार्टमेंट स्वामित्व और प्रबंधन विधेयक, 2026’ पेश किया। उन्होंने कहा कि इस कानून का मकसद अपार्टमेंट के प्रबंधन और रखरखाव के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करना और निवासियों, बिल्डरों व रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के बीच विवादों को सुलझाना है।
गौड़ा ने कहा कि नये कानून के तहत अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए के लिए अपना पंजीकरण कराना और रखरखाव एवं विकास के नाम पर वसूले गए शुल्क का वार्षिक ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। मौजूदा आरडब्ल्यूए को भी नये कानून के तहत फिर से पंजीकरण कराना होगा।
यह विधेयक भी विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच पारित हो गया।
भाषा पारुल माधव
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