करूर भगदड़ मामला : सीबीआई ने विजय से लगभग छह घंटे तक पूछताछ की

करूर भगदड़ मामला : सीबीआई ने विजय से लगभग छह घंटे तक पूछताछ की

करूर भगदड़ मामला : सीबीआई ने विजय से लगभग छह घंटे तक पूछताछ की
Modified Date: January 19, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: January 19, 2026 6:59 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने करूर भगदड़ मामले के सिलसिले में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय से सोमवार को यहां एजेंसी मुख्यालय में लगभग छह घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले विजय से 12 जनवरी को यहां सीबीआई मुख्यालय में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। उन्होंने बताया कि टीवीके प्रमुख को 13 जनवरी को फिर से आने के लिए कहा गया था, लेकिन अभिनेता ने पोंगल का हवाला देते हुए दूसरी तारीख मांगी थी।

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अधिकारियों के मुताबिक, विजय पूर्वाह्न 10:20 बजे लग्जरी एसयूवी के काफिले में लोधी रोड स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि वह शाम को लगभग पांच बजे कार्यालय से बाहर निकले।

सीबीआई मुख्यालय के बाहर मौजूद टीवीके नेता सीटी निर्मल कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी पार्टी के सदस्य जांच में सहयोग कर रहे हैं।

कुमार ने कहा, “बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो सच नहीं हैं। हम सभी जानते हैं कि करूर में क्या हुआ था। दिल्ली से सांसद करूर गए थे; यहां तक ​​कि भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष ने भी करूर में हुई घटना का सटीक विवरण दिया है।”

उन्होंने कहा, “हम जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। कृपया किसी भी तरह की गलत सूचना न फैलाएं। विजय को फिर से नहीं बुलाया गया है।”

अधिकारियों के अनुसार, विजय से सीबीआई की भ्रष्टाचार विरोधी इकाई से चुने गए उप अधीक्षक रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने पूछताछ की।

उन्होंने बताया कि टीवीके प्रमुख से रैली से जुड़े फैसलों, उनके देर से पहुंचने और भाषण जारी रखने के कारणों, मौके पर मची अफरा-तफरी की जानकारी होने, भीड़ की संख्या और भीड़ प्रबंधन में हुई चूक से संबंधित कई सवाल पूछे गए।

अधिकारियों ने कहा कि आरोपपत्र में व्यक्तियों की भूमिका तय करने का फैसला विजय, उनकी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और रैली की अनुमति देने तथा उसके प्रबंधन में शामिल पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बयानों के गहन विश्लेषण के बाद ही लिया जाएगा।

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने करूर भगदड़ मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से अपने हाथ में ली थी। केंद्रीय जांच एजेंसी 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ की घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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