श्रीनगर, 11 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत कश्मीर घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से ‘सुरक्षा चिंताओं’ और ‘असुरक्षा की बढ़ती भावना’ को देखते हुए तत्काल जरूरी कदम उठाने की अपील की, ताकि उन्हें ‘विस्थापन के एक और चक्र’ का सामना न करना पड़े।
‘ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज फोरम’ के अध्यक्ष सनी रैना ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कश्मीर घाटी में रह रहे और कार्यरत कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के बीच ‘गंभीर सुरक्षा चिंताओं’ और ‘डर एवं अनिश्चितता की बढ़ती भावना’ की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है।
यह पत्र ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत सरकारी अधिकारियों के रूप में घाटी में लौटे काश्मीरी पंडितों को लगातार सुरक्षा संबंधी खतरों (धमकियों) का सामना करना पड़ रहा है।
रैना ने कहा कि कश्मीरी पंडित कश्मीर में फिर से बसने का एक ‘ईमानदार लेकिन बेहद कठिन प्रयास’ कर रहे हैं, लेकिन 2021 से आम नागरिकों और कश्मीरी हिंदुओं की लक्षित हत्याओं ने ‘हमारे परिवारों के बीच डर की गहरी भावना पैदा कर दी है।’
पत्र में कहा गया, ‘ऐसी हर घटना 1990 के दशक की दर्दनाक यादों को ताजा कर देती है और यह वास्तविक चिंता पैदा करती है कि कश्मीरी हिंदुओं को एक बार फिर अपनी मातृभूमि से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।’
कर्मचारियों ने कहा कि उपर से स्थिति भले ही सामान्य दिखाई दे सकती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ‘बेचैनी और तनाव की भावना बनी हुई है।’
भाषा सुमित राजकुमार
राजकुमार