हैदराबाद, आठ जुलाई (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, उनके बेटे के. टी. रामाराव और अन्य लोग ‘‘वित्तीय आतंकवादी’’ हैं जिन्होंने कालेश्वरम परियोजना में भ्रष्टाचार किया।
रेड्डी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं के लिए सिंचाई परियोजनाओं पर मंगलवार को एक ‘पावर-प्वाइंट’ प्रस्तुति के दौरान चंद्रशेखर राव को विधानसभा और विधान परिषद के विशेष संयुक्त सत्र में शामिल होने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार कालेश्वरम पर चर्चा के लिए तैयार है।
चंद्रशेखर राव को केसीआर के नाम भी जाना जाता है।
उन्होंने कहा कि केसीआर जब चाहें, सरकार विधानसभा सत्र बुलाने के लिए तैयार है और परियोजना पर विस्तृत चर्चा के लिए संयुक्त सत्र आयोजित करने को भी तैयार है।
रेड्डी ने यह भी मांग की कि केसीआर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखें और तारीख तय करें।
कांग्रेस सरकार द्वारा कालेश्वरम परियोजना की जानबूझकर अनदेखी किए जाने के बीआरएस के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए रेड्डी ने कहा कि पिछली बीआरएस सरकार ने राज्य पर 8.21 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ डाल दिया।
उन्होंने कहा कि पहले 38,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई प्रणहिता-चेवेल्ला परियोजना को 1.47 लाख करोड़ रुपये की कालेश्वरम परियोजना के रूप में फिर से डिजाइन किया गया और बीआरएस सरकार ने (ठेकेदारों को) 1.02 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया।
हालांकि, रेड्डी ने कहा कि कालेश्वरम परियोजना बीआरएस सरकार के कार्यकाल में ही ‘‘ढह गई।’’
रेड्डी ने कहा, ‘‘यह विनाश है। अंग्रेजी में इन्हें ‘फाइनेंशियल टेरेरिस्ट’ (वित्तीय आतंकवादी) कहा जाता है। आतंकवाद कई तरह का होता है। केसीआर, उनके बेटे केटीआर और उनके भांजे टी. हरीश राव वित्तीय आतंकवादी हैं। उन्होंने न केवल तेलंगाना की आर्थिक जड़ों को लूटा बल्कि विनाश भी किया।’’
मुख्यमंत्री ने बीआरएस के कार्यकाल के दौरान आई राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) की प्रारंभिक रिपोर्ट का उल्लेख किया। रिपोर्ट में कहा गया था कि खराब गुणवत्ता, रखरखाव की कमी और नियमों का पालन न किए जाने के कारण बैराज क्षतिग्रस्त हुआ।
कालेश्वरम, भूपलपल्ली जिले में गोदावरी नदी पर बनी एक बहुउद्देश्यीय परियोजना है।
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सिम्मी वैभव
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