(फाइल फोटो सहित)
नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि पूरे मंगलुरु रेलवे क्षेत्र को दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) जोन के अंतर्गत लाने का फैसला परिचालन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए लिया गया है।
वैष्णव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मंगलुरु रेलवे क्षेत्र पहले तीन अलग-अलग जोन में बंटा हुआ था, जिससे ‘‘परिचालन संबंधी गंभीर समस्याएं’’ पैदा हो रही थीं। उन्होंने कहा कि मंगलुरु को दक्षिण पश्चिम रेलवे जोन में रखने के फैसले से परिचालन संबंधी समस्याओं का समाधान होगा।
रेल मंत्री ने कहा कि उन्होंने मंगलुरु को एसडब्ल्यूआर में स्थानांतरित करने और केरलम में रेलवे नेटवर्क के विकास पर चर्चा के लिए राज्य के सांसदों से मुलाकात की।
रेल मंत्रालय ने एक प्रेस नोट जारी कर मंगलुरु रेलवे क्षेत्र के अलग-अलग रेलवे जोन में बंटे होने से उत्पन्न परिचालन संबंधी चुनौतियों का ब्योरा दिया। मंगलुरु रेलवे क्षेत्र दक्षिण रेलवे (एसआर), दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) और कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) में विभाजित था।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘गोवा या हासन की ओर से मंगलुरु आने वाली किसी भी ट्रेन को स्टेशन पहुंचने से पहले तीन परिचालन क्षेत्रों और ‘इंटरचेंज’ बिंदुओं से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे अनावश्यक देरी होती थी और ट्रेन के संचालन में नियंत्रण व भीड़भाड़ संबंधी दिक्कतें आती थीं।’’
अधिकारियों के अनुसार, यह परिचालन क्षेत्र का युक्तिसंगत पुनर्गठन है, जो नेटवर्क में समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे ही सीमा पुनर्संयोजन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ‘इंटरचेंज’ संबंधी समस्याओं को कम करना और दक्षता में सुधार करना है।
केरलम के कई सांसदों ने मंगलुरु क्षेत्र को दक्षिण रेलवे से दक्षिण पश्चिम रेलवे में स्थानांतरित करने का विरोध किया, क्योंकि यह क्षेत्र माल ढुलाई परिचालन से काफी राजस्व अर्जित करता है।
भाषा आशीष नेत्रपाल
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