नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) कार्यक्रम को वापस लेने का आग्रह करेंगे। उनका आरोप है कि इससे वाहनों का माइलेज प्रभावित हो रहा है और इसे लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है।
केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर साझा किए एक वीडियो संदेश में दावा किया कि केंद्र सरकार ने 30 जून को अटॉर्नी जनरल के माध्यम से उच्चतम न्यायालय को बताया था कि ई-20 ईंधन कार्यक्रम ‘‘एक प्रयोग’’ है और इसका भविष्य इसके परिणामों पर निर्भर करेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब मीडिया ने अदालत की कार्यवाही से जुड़ी खबरें प्रकाशित कीं, तो केंद्र सरकार ने ऐसा कोई बयान देने से इनकार कर दिया और उन खबरों को गलत बताया।
ई-20 ईंधन को लागू किए जाने पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस तरह का कोई भी प्रयोग पहले सीमित संख्या में वाहनों पर किया जाना चाहिए था, उसके बाद ही इसे बड़े पैमाने पर लागू किया जाना चाहिए था।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से लोगों के वाहन खराब हो जाते हैं, तो क्या सरकार वाहन मालिकों को मुआवजा देगी?
ईंधन दक्षता (माइलेज) को लेकर उठ रही चिंताओं का उल्लेख करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि कई लोग ई-20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद अपने वाहनों के माइलेज में कमी की शिकायत कर रहे हैं।
उन्होंने भारत पेट्रोलियम के एक अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि इथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा की मात्रा कम होती है।
केंद्र सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ई-20 कार्यक्रम को वापस लेने का अनुरोध करेंगे।
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे इस पत्र के लिए अपने सुझाव सोशल मीडिया पर टिप्पणियों के माध्यम से और सीधे संदेश भेजकर साझा करें।
भाषा गोला वैभव
वैभव