दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन ने मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन ने मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन ने मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया
Modified Date: August 20, 2026 / 03:53 pm IST
Published Date: August 20, 2026 3:53 pm IST

तिरुवनंतपुरम/चेन्नई, 20 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को चेन्नई में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उठाया और स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में सहकारी संघवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

सतीशन द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की गई एक ‘पोस्ट’ के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य से जुड़े जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया, उनमें मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा भी शामिल है।

सतीशन ने कहा कि केरलम नए मुल्लापेरियार बांध से तमिलनाडु को उसके हिस्से का पूरा पानी देने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि नए बांध के डिजाइन, स्थान और निर्माण का जिम्मा तमिलनाडु संभालेगा जबकि इसका पूरा खर्च केरलम वहन करेगा।

तमिलनाडु लगातार कहता रहा है कि पुराना बांध सुरक्षित है, जबकि केरलम सरकार का कहना है कि यह असुरक्षित है और जलस्तर अधिक होने की स्थिति में यदि बांध टूटता है तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की जान को खतरा हो सकता है। केरलम ने पुराने बांध का उपयोग बंद किए जाने की मांग की है।

सतीशन ने अपनी सरकार की ‘मिशन समुद्र’ परियोजना, खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम में हाल में किए गए संशोधनों को वापस लेने की जरूरत तथा सदन की सदस्य संख्या बढ़ाए बिना संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने की आवश्यकता का मामला भी उठाया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महाबलीपुरम में आयोजित दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक को संबोधित किया। स्वास्थ्य सेवा के वित्तपोषण, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय सुरक्षा के मामलों में सहकारी संघवाद पर जोर दिया।’’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराज्यीय और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु और तेलंगाना के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप शामिल हैं।

केंद्र सरकार के अनुसार, यह परिषद केंद्र और सदस्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच मुद्दों और विवादों के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में काम करती है।

कर्नाटक-तमिलनाडु, तेलंगाना-आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु-केरलम के बीच लंबे समय से नदी जल बंटवारे को लेकर विवाद है।

भाषा

सिम्मी प्रशांत

प्रशांत


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