केरल: मुख्यमंत्री ने चेन्निथला के 700 करोड़ रुपये के सॉफ्टवेयर घोटाले के आरोप को ‘निराधार’ बताया

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केरल: मुख्यमंत्री ने चेन्निथला के 700 करोड़ रुपये के सॉफ्टवेयर घोटाले के आरोप को ‘निराधार’ बताया

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 01:00 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 01:00 PM IST

पलक्कड़, 28 मार्च (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए सॉफ्टवेयर की खरीद में 700 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप को ‘निराधार’ बताया। विजयन ने यहां एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच हुए सौदे के आरोपों का भी फिर से खंडन किया।

राज्य में नौ अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है।

उन्होंने कहा कि यूडीएफ और विपक्ष के नेता वीडी सतीशान सोचते हैं कि वे कुछ भी कह सकते हैं या झूठ फैला सकते हैं।

विजयन ने दावा किया कि जनता ऐसी चालों से प्रभावित नहीं होगी।

विजयन ने केरल की 4,415 प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए सॉफ्टवेयर खरीद में 700 करोड़ रुपये के घोटाले के चेन्निथला के आरोप पर कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से की गई थी और इसे केरल उच्च न्यायालय की मंजूरी प्राप्त थी।

उन्होंने दलील दी, “यह आरोप निराधार है और कांग्रेस नेता का उद्देश्य केवल आरोप लगाना है।”

विजयन ने कहा कि 2021 में निविदा जारी की गई थी और उसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को 206 करोड़ रुपये के काम के लिए आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) दिया गया था।

उन्होंने कहा, “लेकिन कंपनी ने 2024 में एकतरफा रूप से इससे अपना नाम वापस ले लिया इसलिए 2025 में नई निविदा जारी करने का निर्णय लिया गया।”

चेन्निथला ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि टीसीएस को दिया गया अनुबंध ‘संदिग्ध परिस्थितियों’ में रद्द कर दिया गया था और बाद में नयी निविदा कन्नूर स्थित कंपनी ‘दिनेश बीड़ी सहकारी समिति’ को दे दी गयी, जिसे इस क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं था।

उन्होंने यह भी दावा किया था कि 4,400 से अधिक समितियों को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने की लागत अब लगभग 915 करोड़ रुपये होगी जबकि टीसीएस ने पहले 206 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया था, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने को लगभग 700 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव