Khelo India Youth Games 2026: गरीबी से जंग, बांस से शुरुआत… और आज मेडल जीतकर लिख रहा नई कहानी, इस खिलाड़ी का सफर आपको भावुक कर देगा

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Khelo India Youth Games 2026: झारखंड के रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव से आने वाले युवा वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम आज अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर नई पहचान बना रहे हैं।

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  • Publish Date - March 28, 2026 / 03:03 PM IST,
    Updated On - March 28, 2026 / 03:03 PM IST

raipur news/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • आर्थिक तंगी में मेहनत की मिसाल
  • बांस से शुरू किया वेटलिफ्टिंग अभ्यास
  • खेलो इंडिया में शानदार प्रदर्शन

Khelo India Youth Games 2026: रायपुर, 28 मार्च 2026: झारखंड के रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव से आने वाले युवा वेटलिफ्टर बाबूलाल हेम्ब्रम आज अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर नई पहचान बना रहे हैं। खेलो इंडिया एथलीट बाबूलाल ने आर्थिक तंगी के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखा और लगातार मेहनत के जरिए सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। पूर्व आर्मी कोच गुरविंदर सिंह की सलाह पर उन्होंने अन्य खेलों को छोड़कर वेटलिफ्टिंग को अपनाया, लेकिन इस फैसले के साथ उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—इस खेल को जारी रखने के लिए जरूरी संसाधन जुटाना।

Babulal Hembram Weightlifting Story: बांस और लोहे की रॉड से शुरू हुआ अभ्यास

संसाधनों की कमी के बावजूद बाबूलाल ने हार नहीं मानी। उन्होंने निर्माण स्थलों पर बांस की लकड़ियों और लोहे की रॉड से अभ्यास शुरू किया। बाद में उन्हें झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSPS) के कोचिंग सेंटर में दाखिला मिला, जहां तक पहुंचने के लिए उन्हें रोज़ 60 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। कोच गुरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा। बाबूलाल ने बताया कि 2018 में जब उन्होंने इस खेल को अपनाया, तब उनके पास ट्रेनिंग के लिए जरूरी उपकरण तक नहीं थे, लेकिन मेहनत और लगन ने उन्हें आगे बढ़ाया।

Khelo India Athlete Success Story: गरीबी के बीच संघर्ष और परिवार का साथ

19 वर्षीय बाबूलाल पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनकी मां एक स्थानीय स्कूल में रसोइया हैं, जबकि पिता छोटे-मोटे काम करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति हमेशा चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन बाबूलाल को विश्वास है कि खेल में मिल रही सफलता से उनके परिवार की स्थिति जरूर बदलेगी। उनका कहना है कि खेलो इंडिया जैसे मंच ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है और यही उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।

Jharkhand weightlifter News: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान

बाबूलाल हेम्ब्रम पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुके हैं। साल 2024 में चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में उन्होंने 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इसके अलावा उन्होंने आईडब्ल्यूएफ़ वर्ल्ड यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन जूनियर एवं यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक जीते हैं। हाल ही में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में उन्होंने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया, जो उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करता है।

Indian Weightlifting Rising Star: अब सीनियर सर्किट में देश का प्रतिनिधित्व लक्ष्य

अब बाबूलाल का लक्ष्य सीनियर सर्किट में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। फिलहाल वह पटियाला में राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा हैं और अपने कोच के साथ भविष्य की रणनीति पर काम कर रहे हैं। बाबूलाल का सपना है कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर देश के लिए पदक जीतें और भारत का नाम रोशन करें।

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बाबूलाल हेम्ब्रम कहां के हैं?

झारखंड के केरिबांदा गांव से।

उन्होंने कौन सा खेल चुना?

वेटलिफ्टिंग खेल अपनाया।

उनकी बड़ी उपलब्धि क्या है?

खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक।