केरल कांग्रेस के नेताओं ने विधानसभा चुनावों से पहले काम नहीं करने वाले डीसीसी को भंग करने की मांग की

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केरल कांग्रेस के नेताओं ने विधानसभा चुनावों से पहले काम नहीं करने वाले डीसीसी को भंग करने की मांग की

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  • Publish Date - December 28, 2020 / 11:52 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:58 PM IST

तिरूवनंतपुरम, 28 दिसंबर (भाषा) हाल के निकाय चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन से चिंतित केरल में कांग्रेस के कई नेताओं ने विभिन्न मुद्दे उठाए हैं जिनमें राज्य नेतृत्व के काम करने के तरीकों में बदलाव की जरूरत और काम नहीं करने वाली जिला इकाइयों को बर्खास्त करने की मांग शामिल है। राज्य में अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की हार की जांच करने आए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष शिकायतों का अंबार रखते हुए नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं कि मुद्दों का समाधान करने के लिए आलाकमान तुरंत हस्तक्षेप करे।

विधानसभा चुनावों में युवकों को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने का सुझाव भी दिया गया।

एआईसीसी के महासचिव (केरल प्रभारी) तारिक अनवर से मिलने वालों में केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के राजनीतिक मामलों के समिति सदस्य, राज्य स्तरीय पदाधिकारी और जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) के अध्यक्ष शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल में एआईसीसी के सचिव ईवान डीसूजा और पी वी मोहन भी शामिल थे जो पार्टी में नई जान फूंकने के लिए सुझाव हासिल करने आए थे। उन्होंने सोमवार को यहां कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेताओं से भी मुलाकात की।

इस तरह की खबरें मिलीं कि नेताओं ने बातचीत में वर्तमान राज्य नेतृत्व में बदलाव की मांग की लेकिन एआईसीसी के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि इस तरह की कोई मांग नहीं की गई बल्कि कामकाज के तरीके को लेकर काफी आलोचना हुई।

एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरी जानकारी में इस तरह की कोई मांग नहीं की गई। हर कोई जानता है कि इस तरह का बदलाव व्यावहारिक नहीं है क्योंकि विधानसभा चुनावों में तीन से चार महीने बाकी हैं। लेकिन कई ने गुटबाजी, डीसीसी के काम नहीं करने और राज्य में कुछ लोगों के प्रतिनिधियों द्वारा डीसीसी की अध्यक्षता पर कब्जा बरकरार रखने की शिकायत की है।’’

भाषा नीरज नीरज माधव

माधव