कॉल प्रबंधन नियमों में बदलाव की तैयारी, ऐप को साझा करना पड़ सकता है स्पैम का डेटा

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कॉल प्रबंधन नियमों में बदलाव की तैयारी, ऐप को साझा करना पड़ सकता है स्पैम का डेटा

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  • Publish Date - July 16, 2026 / 04:59 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 04:59 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) दूरसंचार नियामक ट्राई और ट्रूकॉलर कंपनी के बीच जारी विवाद ने ‘दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियम’ (टीसीसीसीपीआर) में प्रस्तावित संशोधनों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, जिनमें कॉल प्रबंधन करने वाले ऐप को उपयोगकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए गए स्पैम की जानकारी दूरसंचार कंपनियों के साथ साझा करने की बात कही गई है।

मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि वाणिज्यिक संचार को नियंत्रित करने वाले इन नियमों में बदलावों को अगले कुछ सप्ताह में अंतिम रूप दिया जा सकता है।

फिलहाल उपयोगकर्ताओं द्वारा चिह्नित स्पैम कॉल की जानकारी ऐप के पास ही रहती है और इसे दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ साझा नहीं किया जाता। लेकिन टीसीसीसीपीआर में संशोधन होने के बाद स्थिति बदल सकती है।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 13 मार्च, 2026 को ‘टीसीसीसीपीआर (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026’ पर एक परामर्श पत्र जारी किया था, जिसमें स्पैम कॉल एवं संदेशों पर अंकुश लगाने के लिए नियमों को सख्त करने तथा दूरसंचार कंपनियों, संदेश भेजने वालों और कॉल प्रबंधन ऐप की जवाबदेही बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था।

सूत्रों ने बताया कि इस बारे में हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नियामक फिलहाल प्राप्त टिप्पणियों की समीक्षा कर रहा है।

प्रस्तावित संशोधन के तहत कॉलर पहचान सेवा देने वाले ट्रूकॉलर जैसे ऐप को उपयोगकर्ता द्वारा सूचित स्पैम से जुड़े चार प्रमुख मानकों की जानकारी साझा करनी होगी। इसमें संदिग्ध नंबर, कॉल की तारीख एवं समय और प्राप्तकर्ता से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है। इससे दूरसंचार कंपनियों को स्पैम कॉल की पुष्टि करने और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

इस बीच, 1600 नंबर शृंखला से आने वाली कॉल की पहचान को लेकर ट्राई और ट्रूकॉलर के बीच विवाद बढ़ने की वजह से स्पैम कॉल पर नियंत्रण के ढांचे को मजबूत करने का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

ट्राई ने पिछले शुक्रवार को कहा था कि कोई भी ऐप 1600 नंबर शृंखला से आने वाली कॉल को ब्लॉक नहीं कर सकता, क्योंकि ये नंबर सरकारी संस्थाओं एवं विनियमित इकाइयों द्वारा नागरिकों से संपर्क के लिए निर्धारित हैं।

इस पर ट्रूकॉलर का कहना है कि स्पैम कॉल करने वाले 1600 और 140 से शुरू होने वाले नंबरों का दुरुपयोग कर रहे हैं। कंपनी ने दावा किया कि उसके मंच पर रोजाना करीब 5.25 लाख उपयोगकर्ता ऐसी कॉल को स्पैम के रूप में चिह्नित करते हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय